ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 में भाग लेने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जब मंगलवार की रात वॉशिंगटन डी.सी. से रवाना हुए, तो उनकी यात्रा में एक अप्रत्याशित मोड़ आ गया। अमेरिकी राष्ट्रपति का विमान “एयर फोर्स वन” टेकऑफ़ के लगभग एक घंटे बाद ही वॉशिंगटन की ओर वापस लौट गया, क्योंकि विमान में एक “मामूली विद्युत समस्या” (minor electrical issue) का पता चला
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लीविट ने बताया कि विमान के क्रू ने समस्या के पहचान होते ही सुरक्षा की दृष्टि से फैसला किया कि विमान को वापस लौटना चाहिए, ताकि आगे की यात्रा सुरक्षित रूप से दूसरे विमान से पूरी हो सके।
क्या हुआ विमान में?
जैसा कि रिपोर्टों में बताया गया है, टेकऑफ़ के बाद कुछ ही समय में प्रेस केबिन में लाइट्स थोड़ी देर के लिए चली गईं और विमान के क्रू ने विद्युत समस्या का संकेत पाया। हालांकि यह समस्या गंभीर नहीं बताई जा रही है, लेकिन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमान को तुरंत वापस वॉशिंगटन जाने का निर्देश दिया गया।
ट्रंप और उनके दल ने सुरक्षित रूप से जॉइंट बेस एंड्र्यूज पर लैंड किया। इसके बाद ट्रंप ने दूसरे विमान से अपनी यात्रा दुबारा शुरू करने का निर्णय लिया, ताकि उन्हें दावोस में होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में कोई देरी न हो।
दावोस यात्रा का महत्व
ट्रंप का दावोस जाना अमेरिकी और वैश्विक राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दावोस में WEF 2026 की 56वीं वार्षिक बैठक चल रही है, जिसमें दुनिया के प्रमुख नेता, नीति निर्माताओं और व्यापार जगत के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। ट्रंप के आने और भाषण देने की चर्चा पहले से ही सुर्खियों में है। उनका संबोधन वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर केंद्रित माना जा रहा है।
वहीं भारत समेत अन्य देशों के शीर्ष उद्योगपतियों की भी ट्रंप से दावोस में बैठक होने वाली है, जिससे वैश्विक निवेश और व्यापार संभावनाओं पर चर्चा की उम्मीद है।
एयर फोर्स वन का इतिहास और तकनीकी चिंता
“एयर फोर्स वन” अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक उड़ान वाहन है। वर्तमान में उपयोग में लेने वाले विमान पहले से ही लगभग 40 साल से सेवा में हैं, और बीते वर्षों में उनके बारे में समय-समय पर तकनीकी मुद्दों की खबरें सामने आती रही हैं।
बोइंग अब नए विमान तैयार कर रहा है, लेकिन प्रोग्राम देरी का सामना कर रहा है। इसी बीच, पिछले साल कतर के शासक परिवार ने एक लग्ज़री बोइंग 747-8 जंबो विमान ट्रंप को उपहार में दिया था, जिसे सुरक्षा मानकों की जांच के बाद एयर फोर्स वन के बेड़े में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!