ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
पश्चिम एशिया में बढ़ते सुरक्षा तनाव का असर अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। देश के वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने कहा है कि मौजूदा हालात के कारण पाकिस्तान का मासिक तेल आयात बिल काफी बढ़ सकता है। सरकार के अनुसार यह बिल करीब 600 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है, जिससे पहले से आर्थिक दबाव झेल रहे पाकिस्तान के लिए नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
तेल आयात बिल बढ़ने की आशंका
पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने एक उच्च स्तरीय बैठक में यह जानकारी दी। इस बैठक में पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक और सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह भी मौजूद थे।
वित्त मंत्री ने कहा कि अगर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और बढ़ता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। ऐसी स्थिति में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर और अधिक दबाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस संकट से निपटने के लिए कई वैकल्पिक योजनाओं पर भी काम कर रही है।
IMF से राहत की मांग की तैयारी
पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने बताया कि सरकार पेट्रोलियम लेवी में कुछ राहत देने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से अनुरोध कर सकती है।उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ईंधन की बचत के लिए कुछ नए उपाय लागू करने की योजना बना रही है, ताकि मौजूदा भंडार अधिक समय तक चल सके।सरकार का मानना है कि अगर खपत को नियंत्रित किया जाए तो ऊर्जा संकट के असर को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
LNG आपूर्ति में भी बाधा की आशंका
सरकार को केवल तेल ही नहीं बल्कि गैस आपूर्ति को लेकर भी चिंता है। मंत्री ने बताया कि सोमवार को तीन पेट्रोलियम शिपमेंट पाकिस्तान पहुंचने की उम्मीद है।हालांकि तरलीकृत प्राकृतिक गैस यानी LNG की आपूर्ति में बाधा आने की संभावना जताई जा रही है। इस समस्या को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने वैकल्पिक आपूर्ति मार्गों की तलाश शुरू कर दी है।
इसके लिए ओमान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के साथ कूटनीतिक बातचीत की जा रही है। इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज के अलावा अन्य समुद्री रास्तों पर भी विचार किया जा रहा है।
पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी
इस संकट के बीच पाकिस्तान सरकार ने ईंधन की कीमतों में बड़ा इजाफा कर दिया है। पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में 55 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जो लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि है।
नई दरों के अनुसार पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 321.17 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 335.86 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है।
बढ़ सकती है महंगाई
ईंधन की कीमतों में इस बढ़ोतरी से आम लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब ईंधन महंगा होता है तो परिवहन और लॉजिस्टिक्स की लागत भी बढ़ जाती है।
इसका सीधा असर खाने-पीने की चीजों और जरूरी सामान की कीमतों पर पड़ता है। खासकर रमजान के महीने में महंगाई बढ़ने से आम लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
सरकार ने बताया मजबूरी
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी के कारण सरकार के पास कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। उन्होंने कहा कि यह कदम देश की ऊर्जा व्यवस्था को स्थिर रखने और IMF के साथ किए गए समझौतों को पूरा करने के लिए जरूरी था।फिलहाल पाकिस्तान सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है और ऊर्जा संकट से निपटने के लिए नए विकल्प तलाशने की कोशिश कर रही है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!