ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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गाजियाबाद जिला प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए डासना क्षेत्र में स्थित करीब 250 बीघा सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया। दिल्ली-मुरादाबाद-लखनऊ हाईवे के किनारे स्थित इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 250 करोड़ रुपये बताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर फर्जी दस्तावेजों और गलत प्रविष्टियों के जरिए कब्जा करने की साजिश रची गई थी।
डीएम खुद पहुंचे मौके पर
कार्रवाई के दौरान जिलाधिकारी रविंद्र मांदड़, सदर एसडीएम अरुण दीक्षित, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। प्रशासन ने मुनादी कराकर लोगों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यह सरकारी जमीन है और इस पर किसी भी प्रकार का निर्माण, खरीद-बिक्री या कब्जा पूरी तरह अवैध है। मौके पर सरकारी भूमि का बोर्ड भी लगाया गया, ताकि भविष्य में कोई व्यक्ति इस जमीन पर दावा न कर सके।
अवैध निर्माण हटाने की चेतावनी
प्रशासन ने साफ कहा है कि सरकारी भूमि पर किए गए सभी अवैध निर्माणों को हटाया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति दोबारा जमीन पर कब्जा करने या निर्माण करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी संपत्तियों को कब्जामुक्त कराने का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
फर्जी प्रविष्टियों से कब्जे की कोशिश
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में कथित तौर पर फर्जी प्रविष्टियां कराकर उस पर कब्जा करने की कोशिश की गई थी। इसी वजह से प्रशासन ने पूरे मामले की गहन जांच कराने का फैसला लिया है। यह जमीन जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर दिल्ली-मुरादाबाद-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित है, जिसकी वजह से इसकी बाजार कीमत काफी अधिक मानी जाती है।
SIT करेगी पूरे मामले की जांच
जिलाधिकारी रविंद्र मांदड़ ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया जाएगा। इस टीम में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। SIT यह पता लगाएगी कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने की साजिश किसने रची, फर्जी रिकॉर्ड किसने तैयार किए और इस पूरे मामले में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
डीएम ने स्पष्ट किया कि SIT की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। साथ ही सरकारी जमीन पर किए गए अवैध निर्माणों को भी हटाया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि सरकारी संपत्तियों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
सरकारी जमीनों पर बढ़ेगी निगरानी
जिला प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की कोशिश करने वालों को कड़ा संदेश जाएगा। प्रशासन अब ऐसे सभी मामलों की समीक्षा कर रहा है, जहां सरकारी जमीनों पर कब्जे या फर्जी दस्तावेजों के जरिए मालिकाना हक जताने की शिकायतें सामने आई हैं।
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