ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में भ्रूण की अवैध लिंग जांच और कथित तौर पर अवैध गर्भपात कराने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस कार्रवाई में एक अस्पताल संचालक सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पिछले छह वर्षों से सक्रिय था और अब तक 200 से अधिक मामलों में शामिल हो सकता है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रैकेट के तार अन्य राज्यों और लोगों से भी जुड़े हैं या नहीं।
कार में पोर्टेबल मशीन से होती थी लिंग जांच
पुलिस के अनुसार, आरोपी कार में चीन निर्मित पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन रखकर महिलाओं के गर्भ में पल रहे भ्रूण की लिंग जांच करते थे। संयुक्त टीम ने आरोपियों को महामाया स्टेडियम के पास उस समय गिरफ्तार किया, जब वे जांच के लिए एक महिला के आने का इंतजार कर रहे थे। मौके से पोर्टेबल मशीन, कार, 20 हजार रुपये नकद और जांच में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए गए।
चार आरोपी गिरफ्तार, अस्पताल संचालक भी शामिल
गिरफ्तार आरोपियों में बागपत निवासी संदीप, बुलंदशहर निवासी तस्लीम, गढ़मुक्तेश्वर निवासी सलमान और गाजियाबाद निवासी साहिद शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, संदीप लोनी क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल का संचालक है। उस पर पहले भी भ्रूण लिंग जांच से जुड़े मामले दर्ज हो चुके हैं और वर्ष 2025 में भी उसके खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
20 हजार में जांच, 60 हजार में गर्भपात का पैकेज
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि केवल भ्रूण की लिंग जांच के लिए 15 से 20 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। यदि लिंग जांच के साथ गर्भपात भी कराया जाता था, तो पूरा पैकेज 50 से 60 हजार रुपये तक का होता था। पुलिस के अनुसार, गिरोह के एजेंट सरकारी और निजी अस्पतालों के बाहर गर्भवती महिलाओं तथा उनके परिजनों से संपर्क करते थे। प्रत्येक ग्राहक लाने पर उन्हें अलग से कमीशन दिया जाता था।
कई राज्यों से आते थे लोग
आरोपियों ने पूछताछ में दावा किया कि उनके पास हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड समेत कई राज्यों से लोग आते थे। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि किन महिलाओं का कथित रूप से लिंग जांच के बाद गर्भपात कराया गया और इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
नेपाल के रास्ते मंगाई गई थी मशीन
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बरामद पोर्टेबल मशीन चीन निर्मित है और आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि इसे नेपाल के रास्ते भारत लाया गया था। पुलिस अब उस सप्लाई चेन की भी जांच कर रही है, जिसके जरिए यह मशीन आरोपियों तक पहुंची।
आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका की भी होगी जांच
जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या आरोपियों को गर्भवती महिलाओं की जानकारी सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था या आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से मिल रही थी। यदि किसी सरकारी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
200 से ज्यादा मामलों का शक
पुलिस का अनुमान है कि गिरोह पिछले छह वर्षों में 200 से अधिक भ्रूण लिंग जांच कर चुका हो सकता है। हालांकि, यह आंकड़ा अभी प्रारंभिक जांच पर आधारित है और विस्तृत जांच के बाद वास्तविक संख्या स्पष्ट होगी।
स्वास्थ्य विभाग की लगातार कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले एक वर्ष में नियमों के उल्लंघन के मामलों में 36 अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ न्यायालय में मुकदमे दायर किए गए हैं, जबकि 9 केंद्रों का पंजीकरण निलंबित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पीसीपीएनडीटी कानून के उल्लंघन के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
गाजियाबाद में सामने आया यह मामला अवैध भ्रूण लिंग जांच और कथित गर्भपात के संगठित नेटवर्क की गंभीरता को दर्शाता है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग अब पूरे गिरोह, उसके आर्थिक नेटवर्क, मशीन सप्लाई चेन और संभावित सहयोगियों की जांच कर रहे हैं। मामले की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद कई और खुलासे होने की संभावना है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!