ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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गाजियाबाद में रविवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG 2026) शांतिपूर्ण और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच संपन्न हुई। जिले के 22 परीक्षा केंद्रों पर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की ओर से परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरे दिन अलर्ट मोड पर रहा। प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस और मजिस्ट्रेट लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते रहे ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
9,666 में से 923 अभ्यर्थी नहीं पहुंचे
जिले में कुल 9,666 अभ्यर्थियों का पंजीकरण था। इनमें से 923 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल नहीं हुए, जबकि बाकी अभ्यर्थियों ने निर्धारित समय पर परीक्षा दी।परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की गई। प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
मॉक ड्रिल के बाद पुख्ता किए गए इंतजाम
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि परीक्षा से एक दिन पहले सभी परीक्षा केंद्रों पर मॉक ड्रिल कराई गई थी। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश प्रक्रिया, सीसीटीवी निगरानी और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के बाद ही परीक्षा कराने की अनुमति दी।
बायोमैट्रिक सत्यापन और सीसीटीवी से निगरानी
परीक्षा के नोडल अधिकारी एवं एडीएम सिटी विकास कश्यप ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी रखी गई।अभ्यर्थियों की बायोमैट्रिक जांच, आधार कार्ड सत्यापन और सघन तलाशी के बाद ही उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। प्रश्नपत्रों को भी पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की सुरक्षा में सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया गया।
450 पुलिसकर्मी और 120 ट्रैफिक कर्मी रहे तैनात
परीक्षा को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिले के सभी 22 परीक्षा केंद्रों पर करीब 450 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसके अलावा यातायात व्यवस्था संभालने के लिए 120 ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी ड्यूटी पर रहे। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए आठ थाना प्रभारियों को अलग-अलग परीक्षा केंद्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। प्रशासन ने पूरे जिले को तीन जोन में बांटकर प्रत्येक जोन में जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए थे।
साइबर कैफे रहे बंद, बाहर दिखी अभिभावकों की भीड़
नकल और किसी भी तरह की अनियमितता रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित साइबर कैफे पूरे समय बंद रखे गए। शाम को परीक्षा समाप्त होने से पहले ही बड़ी संख्या में अभिभावक परीक्षा केंद्रों के बाहर पहुंच गए। कई स्थानों पर वाहनों की भीड़ के कारण जाम की स्थिति भी बनी, जिससे लोगों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा।
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