ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
जाने-माने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज पिछले कुछ वर्षों में देशभर में काफी लोकप्रिय हो गए हैं। उनकी धार्मिक कथाओं और भक्ति प्रवचनों को सुनने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। खास बात यह है कि वे केवल धार्मिक मंचों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी उनकी मजबूत पहचान बन चुकी है। इंटरनेट पर उन्हें कई लोग “पूकी महाराज” के नाम से भी जानते हैं। उनके सरल और बेबाक अंदाज में दिए गए प्रवचन लोगों को काफी प्रभावित करते हैं, जिसके कारण उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
हर दिन की कथा के लिए लेते हैं लाखों की फीस
अनिरुद्धाचार्य महाराज की कथा देश के कई बड़े शहरों और धार्मिक आयोजनों में आयोजित की जाती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वे एक दिन की कथा या धार्मिक प्रवचन के लिए लगभग 1 से 3 लाख रुपये तक फीस लेते हैं। हालांकि उनकी फीस आयोजन के स्तर, स्थान और आयोजकों द्वारा किए गए इंतजाम पर निर्भर करती है।
अगर सात दिन की श्रीमद्भागवत कथा की बात करें तो इसकी फीस करीब 10 से 15 लाख रुपये तक बताई जाती है। इसके अलावा आयोजकों को उनकी पूरी टीम के रहने, खाने, आने-जाने और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी उठानी होती है। उनकी कथाओं में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं, इसलिए आयोजनों का स्तर भी काफी भव्य होता है।
महीने की कमाई और अनुमानित नेटवर्थ
रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2025 तक अनिरुद्धाचार्य महाराज की अनुमानित कुल संपत्ति यानी नेटवर्थ लगभग 25 करोड़ रुपये बताई जाती है। वहीं उनकी कुल मासिक आय करीब 45 लाख रुपये मानी जाती है। यह कमाई केवल कथा आयोजनों से ही नहीं बल्कि कई अन्य स्रोतों से भी होती है।
धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेना, सार्वजनिक कार्यक्रमों में उपस्थिति और अन्य आध्यात्मिक गतिविधियां भी उनकी आय का हिस्सा हैं। उनकी बढ़ती लोकप्रियता के कारण बड़े स्तर के आध्यात्मिक कार्यक्रमों में उन्हें लगातार आमंत्रित किया जाता है।
यूट्यूब और डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी होती है कमाई
अनिरुद्धाचार्य महाराज की सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अच्छी पकड़ है। उनके यूट्यूब चैनल पर लाखों सब्सक्राइबर हैं और उनके प्रवचन वीडियो को बड़ी संख्या में लोग देखते हैं। अनुमान के मुताबिक वे यूट्यूब विज्ञापनों और ऑनलाइन व्यूअरशिप के जरिए हर महीने करीब 2 लाख रुपये तक कमाते हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म ने उनकी लोकप्रियता को और बढ़ाया है। इससे उनके धार्मिक कार्यक्रमों की मांग भी तेजी से बढ़ी है, जिसका सीधा असर उनकी कमाई पर भी देखा जा रहा है।
सामाजिक और धार्मिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका
अनिरुद्धाचार्य महाराज केवल कथा और प्रवचन तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। वे वृंदावन में गौरी गोपाल आश्रम का संचालन करते हैं। बताया जाता है कि उनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा समाज सेवा और धार्मिक कार्यों में खर्च किया जाता है।
उनके आश्रम के माध्यम से गायों की सेवा, भंडारे का आयोजन और जरूरतमंद लोगों को चिकित्सा सहायता प्रदान की जाती है। यही कारण है कि उनके अनुयायियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और लोग उन्हें आध्यात्मिक गुरु के साथ-साथ समाजसेवी के रूप में भी देखते हैं।
लगातार बढ़ रही लोकप्रियता
अनिरुद्धाचार्य महाराज की लोकप्रियता का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है। उनकी सरल भाषा, भावनात्मक प्रस्तुति और आधुनिक सोच के कारण युवा वर्ग भी उनकी कथाओं से जुड़ रहा है। धार्मिक मंचों से लेकर सोशल मीडिया तक उनकी मजबूत उपस्थिति उन्हें आज के समय के सबसे चर्चित कथावाचकों में शामिल करती है
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