सरकारी मुआवजा कैसे तय होता है? जानिए सड़क, ट्रेन, विमान और अन्य हादसों में क्या हैं नियम
लखनऊ अग्निकांड के बाद सरकार ने मृतकों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया। जानिए सड़क दुर्घटना, ट्रेन हादसा, विमान दुर्घटना और हिट-एंड-रन मामलों में मुआवजा कैसे तय किया जाता है और इसके पीछे कौन से कानूनी नियम लागू होते हैं।
सरकारी मुआवजा कैसे तय होता है? जानिए सड़क, ट्रेन, विमान और अन्य हादसों में क्या हैं नियम
  • Category: सामान्य ज्ञान

लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड में 15 बच्चों की मौत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। ऐसे हादसों के बाद अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि सरकार मुआवजे की राशि कैसे तय करती है? क्या हर दुर्घटना के लिए एक ही नियम लागू होता है या अलग-अलग मामलों में अलग कानून हैं? दरअसल, भारत में हर प्रकार की दुर्घटना के लिए अलग कानूनी व्यवस्था और मुआवजा प्रणाली मौजूद है।


सड़क दुर्घटना में कैसे तय होता है मुआवजा?

यदि किसी व्यक्ति की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है या वह गंभीर रूप से घायल होता है, तो मुआवजे का निर्धारण मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) करता है। इसमें कोई निश्चित राशि तय नहीं होती। न्यायाधिकरण पीड़ित की उम्र, आय, परिवार पर निर्भर लोगों की संख्या, इलाज का खर्च, शारीरिक और मानसिक पीड़ा जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखकर मुआवजा तय करता है। इसे मल्टीप्लायर मेथड के आधार पर निर्धारित किया जाता है।


हिट-एंड-रन मामलों में क्या मिलता है?

कई बार दुर्घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो जाता है और उसकी पहचान नहीं हो पाती। ऐसे मामलों को हिट-एंड-रन कहा जाता है। ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार की हिट-एंड-रन मोटर दुर्घटना मुआवजा योजना के तहत राहत दी जाती है। 


वर्तमान नियमों के अनुसार—

• दुर्घटना में मृत्यु होने पर आश्रितों को 2 लाख रुपये।

• गंभीर रूप से घायल होने पर पीड़ित को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती है।

यह राशि मोटर वाहन दुर्घटना कोष से प्रदान की जाती है।


ट्रेन हादसों में क्या है नियम?

रेल दुर्घटनाओं या रेलवे परिसर में होने वाली दुर्घटनाओं के मामलों में रेलवे अधिनियम, 1989 लागू होता है। पीड़ित या उसके परिजनों को रेलवे दावा न्यायाधिकरण (Railway Claims Tribunal) में आवेदन करना होता है।


वर्तमान नियमों के अनुसार—

• मृत्यु या स्थायी विकलांगता की स्थिति में 8 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाता है।

• हाथ, पैर या आंख जैसी स्थायी चोटों के मामलों में 64 हजार रुपये से 8 लाख रुपये तक की राशि चोट की गंभीरता के आधार पर तय की जाती है।

• यदि यात्री ने टिकट बुक करते समय ट्रैवल इंश्योरेंस लिया हो, तो उसे अतिरिक्त 10 लाख रुपये तक का बीमा क्लेम भी मिल सकता है।


विमान हादसे में कैसे तय होता है मुआवजा?

हवाई दुर्घटनाओं के लिए नियम सबसे अधिक सख्त माने जाते हैं। भारत में यह व्यवस्था कैरिएज बाय एयर एक्ट, 1972 और मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के तहत संचालित होती है। इन नियमों के अनुसार यदि विमान दुर्घटना में किसी यात्री की मृत्यु या गंभीर चोट होती है, तो एयरलाइन कंपनी लगभग 1.4 करोड़ से 1.5 करोड़ रुपये तक का मुआवजा देने के लिए कानूनी रूप से बाध्य हो सकती है। यदि जांच में एयरलाइन की गंभीर लापरवाही या पायलट की गलती साबित हो जाती है, तो मुआवजे की अधिकतम सीमा भी हटाई जा सकती है और पीड़ित परिवार को इससे अधिक राशि मिल सकती है।


घरेलू उड़ानों में क्या है व्यवस्था?

भारत के भीतर संचालित घरेलू उड़ानों में होने वाली दुर्घटनाओं के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अलग नियम लागू होते हैं। मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, किसी घरेलू विमान दुर्घटना में यात्री की मृत्यु या गंभीर चोट होने पर संबंधित एयरलाइन का न्यूनतम कानूनी दायित्व 20 लाख रुपये तक निर्धारित किया गया है। इसके अलावा परिस्थितियों और दावों के आधार पर अतिरिक्त मुआवजा भी दिया जा सकता है।


हर हादसे के लिए अलग कानून

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी दुर्घटना में मिलने वाला मुआवजा एक समान नहीं होता। यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि हादसा किस प्रकार का है, कौन सा कानून लागू होता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। यही वजह है कि सड़क दुर्घटना, रेल हादसा, विमान दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा या आग जैसी घटनाओं में मुआवजे की राशि और प्रक्रिया अलग-अलग होती है। वहीं, सरकार कई बार मानवीय आधार पर प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष या मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी घोषित करती है।

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!

Related To this topic
Link copied to clipboard!

Watch Now

YouTube Video
Newsest | 20h ago
CJP Protest Ground Report | जंतर मंतर से संसद मार्च में क्या हुआ? Protesters से Exclusive बातचीत
YouTube Video
Newsest | 2d ago
ब्रिजेश सिंह की सच्ची कहानी: मुख्तार अंसारी का सबसे बड़ा दुश्मन | Purvanchal Mafia Don (Full Story)
YouTube Video
Newsest | 3d ago
नोएडा ममूरा आग हादसा | Fire Department, Authority और Safety System पर बड़े सवाल
YouTube Video
Newsest | 4d ago
राजा भैया की पूरी कहानी: पोटा से पत्नी के केस तक | कुंडा का अजेय बाहुबली!
YouTube Video
Newsest | 6d ago
क्या 3 अगस्त 2026 को जेल जाएंगे बृजभूषण? बाहुबल से पहलवानों के दंगल तक का पूरा सच!
YouTube Video
Newsest | 10d ago
डूब गया Noida Sector 19! मानसून में Smart City का ये हाल क्यों?
YouTube Video
Newsest | 14d ago
देश की शिक्षा व्यवस्था फेल? जंतर मंतर से Ground Report | #cjp #jantarmantar
YouTube Video
Newsest | 14d ago
स्मार्ट सिटी या डूबता शहर? Noida Sector 49 & Baraula ग्राउण्ड रिपोर्ट| #sector49 #Baraula
YouTube Video
Newsest | 18d ago
Ram Mandir Donation Theft: 10 दिनों में 70 चोरियां और चंपत राय का इस्तीफा!
YouTube Video
Newsest | 19d ago
क्या E20 पेट्रोल बर्बाद कर रहा है आपकी गाड़ी? Ethanol | E20 | Ground Report
YouTube Video
Newsest | 25d ago
Noida Sec 82 Bus Terminal: ₹158 करोड़ की बर्बादी या मास्टरप्लान? अब बनेगा Startups का नया हब!
YouTube Video
Newsest | 25d ago
OTT के दौर में खत्म हो रहा है Traditional Cinema? | Ravi Khanvilkar Exclusive । #NSD
YouTube Video
Newsest | 26d ago
72 Vs 40,000?! Karbala की ये कहानी सुनकर रूह कांप जाएगी! | Karbala Ka Waqia । #Muharram2026
YouTube Video
Newsest | 27d ago
कागज़ के नोट बंद? RBI का 6,373 करोड़ का मास्टरप्लान! | Plastic Money in India Explained
YouTube Video
Newsest | 28d ago
UP Politics Exploded: क्या SP के 26 सांसद छोड़ेंगे अखिलेश का साथ?