भारत का पहला एनकाउंटर: जब मुंबई पुलिस ने खत्म किया मान्या सुर्वे का आतंक
भारत के पहले चर्चित पुलिस एनकाउंटर की कहानी जानिए। 11 जनवरी 1982 को मुंबई पुलिस ने गैंगस्टर मान्या सुर्वे को मार गिराया था। कैसे बना एक होनहार छात्र अपराध की दुनिया का बड़ा नाम और कैसे हुआ उसका अंत, पढ़िए पूरी कहानी।
भारत का पहला एनकाउंटर: जब मुंबई पुलिस ने खत्म किया मान्या सुर्वे का आतंक
  • Category: सामान्य ज्ञान

भारत में जब भी पुलिस एनकाउंटर की चर्चा होती है, तो इसके पक्ष और विपक्ष में बहस शुरू हो जाती है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि देश का पहला चर्चित पुलिस एनकाउंटर कब हुआ था और उसका निशाना कौन बना था। यह कहानी है मुंबई के उस दौर की, जब अंडरवर्ल्ड का खौफ चरम पर था और पुलिस अपराधियों के सामने बेबस नजर आने लगी थी।


जब अपराधियों के साये में जी रही थी मुंबई

1980 के दशक की शुरुआत में मुंबई, जिसे तब बॉम्बे कहा जाता था, देश की आर्थिक राजधानी होने के साथ-साथ अपराध जगत का भी बड़ा केंद्र बन चुकी थी। शहर में रंगदारी, सुपारी किलिंग, अपहरण और गैंगवार आम बात थी। उस दौर में करीम लाला, बड़ा राजन और दाऊद इब्राहिम जैसे नाम अंडरवर्ल्ड की दुनिया पर राज कर रहे थे। अलग-अलग गैंगों के बीच वर्चस्व की लड़ाई में आम लोगों की जिंदगी प्रभावित हो रही थी। पुलिस पर लगातार दबाव बढ़ रहा था कि वह अपराधियों के बढ़ते आतंक पर लगाम लगाए।


होनहार छात्र से गैंगस्टर बनने तक का सफर

इसी दौर में एक नाम तेजी से उभरा—मान्या सुर्वे। उसका असली नाम मनोहर अर्जुन सुर्वे था। कहा जाता है कि वह पढ़ाई में काफी अच्छा था और एक सामान्य जिंदगी जी सकता था। लेकिन हालात और संगत ने उसकी जिंदगी की दिशा बदल दी। उसका बड़ा भाई पहले से अपराध की दुनिया से जुड़ा हुआ था। वर्ष 1969 में एक हत्या के मामले में मान्या और उसके भाई को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। मान्या को पुणे की यरवदा जेल भेजा गया। जेल में भी उसका आक्रामक रवैया जारी रहा। विरोधी कैदियों से झगड़ों के कारण उसे दूसरी जेल में स्थानांतरित किया गया। बाद में बीमारी का बहाना बनाकर अस्पताल में भर्ती हुआ और वहीं से फरार हो गया।


जेल से भागकर बना अंडरवर्ल्ड का बड़ा नाम

जेल से भागने के बाद मान्या सुर्वे फिर मुंबई लौट आया। उसने अपना गैंग तैयार किया और देखते ही देखते अपराध जगत में बड़ा नाम बन गया। उसके खिलाफ रंगदारी, हत्या और गैंगवार जैसे कई गंभीर आरोप लगने लगे। उसकी बढ़ती ताकत और बेखौफ अंदाज ने मुंबई पुलिस के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी। माना जाता है कि उस समय वह कई बड़े अपराधों में शामिल था और पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।


बनी देश की पहली एनकाउंटर स्क्वाड

मान्या सुर्वे को पकड़ना आसान नहीं था। ऐसे में मुंबई पुलिस ने विशेष रणनीति तैयार की। अपराधियों से निपटने के लिए एक विशेष टीम बनाई गई, जिसे बाद में एनकाउंटर स्क्वाड के रूप में पहचान मिली। इस मिशन की जिम्मेदारी पुलिस अधिकारियों राजा तांबट और इशाक बागवान जैसे अनुभवी अफसरों को सौंपी गई। टीम लगातार मान्या की गतिविधियों पर नजर रख रही थी।


11 जनवरी 1982: जब खत्म हुआ आतंक

आखिरकार 11 जनवरी 1982 को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि मान्या सुर्वे मुंबई के वडाला इलाके में स्थित आंबेडकर कॉलेज के पास आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके में जाल बिछा दिया। दोपहर के समय जैसे ही मान्या टैक्सी से उतरा, पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान उस पर गोलियां चलाई गईं और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इसी घटना को भारत का पहला चर्चित पुलिस एनकाउंटर माना जाता है।


क्यों याद किया जाता है यह एनकाउंटर?

मान्या सुर्वे का एनकाउंटर सिर्फ एक अपराधी के अंत की कहानी नहीं था, बल्कि यह भारतीय पुलिसिंग के इतिहास में एक नए दौर की शुरुआत भी माना जाता है। इसके बाद मुंबई पुलिस की एनकाउंटर नीति चर्चा का विषय बनी और आगे चलकर कई बड़े गैंगस्टरों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाइयां देखने को मिलीं। आज भी मान्या सुर्वे का नाम भारत के अपराध इतिहास और पुलिस कार्रवाई की सबसे चर्चित कहानियों में शामिल किया जाता है।

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!

Related To this topic

Watch Now

YouTube Video
Newsest | 1h ago
Jantar Mantar Vs Jharkhand क्यों हुई तीखी बहस ? Public Opinion
YouTube Video
Newsest | 1h ago
जिसे आप तानाशाह कहते हैं उसने क्या किया ? #shortsviral #Newsesthindi
YouTube Video
Newsest | 3h ago
क्या जंतर-मंतर पर ISI एजेंट थे बड़ा खुलासा | #shortsvideo #newsesthindi
YouTube Video
Newsest | 6h ago
खुदके राज्यों में शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त है और गाली मोदी को | Public Opinion | Newsest Hindi
YouTube Video
Newsest | 13d ago
जिस प्रधानमंत्री ने देश बचाया... लेकिन अपनी सरकार नहीं बचा सके | चंद्रशेखर की अनकही कहानी
YouTube Video
Newsest | 15d ago
कन्हैया हुए थे डिटेन, कल्याण बनर्जी का 'कॉकरोच' वाला वायरल अंदाज़ - पेपर लीक पर दिखी विपक्षी ताक़त
YouTube Video
Newsest | 17d ago
जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर! आज़म खान के 250 एकड़ के सपने की पूरी सच्चाई। #jauharuniversity
YouTube Video
Newsest | 18d ago
BLA vs पाकिस्तानी आर्मी: बलूचिस्तान में आखिर हो क्या रहा है? । #Balochistan #BLA
YouTube Video
Newsest | 22d ago
CJP Protest Ground Report | जंतर मंतर से संसद मार्च में क्या हुआ? Protesters से Exclusive बातचीत
YouTube Video
Newsest | 23d ago
ब्रिजेश सिंह की सच्ची कहानी: मुख्तार अंसारी का सबसे बड़ा दुश्मन | Purvanchal Mafia Don (Full Story)
YouTube Video
Newsest | 25d ago
नोएडा ममूरा आग हादसा | Fire Department, Authority और Safety System पर बड़े सवाल
YouTube Video
Newsest | 25d ago
राजा भैया की पूरी कहानी: पोटा से पत्नी के केस तक | कुंडा का अजेय बाहुबली!
YouTube Video
Newsest | 27d ago
क्या 3 अगस्त 2026 को जेल जाएंगे बृजभूषण? बाहुबल से पहलवानों के दंगल तक का पूरा सच!
YouTube Video
Newsest | 32d ago
डूब गया Noida Sector 19! मानसून में Smart City का ये हाल क्यों?
YouTube Video
Newsest | 35d ago
देश की शिक्षा व्यवस्था फेल? जंतर मंतर से Ground Report | #cjp #jantarmantar