ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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Sunita Williams और उनके साथी अंतरिक्ष यात्री बुट्च विलमोर अंतरिक्ष से लौट आए हैं। उनकी यह वापसी स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्षयान के जरिए हुई। लेकिन नासा के इन अनुभवी एस्ट्रोनॉट्स पर नील डिग्रास टायसन का बयान चर्चा का विषय बन गया है।
"Newsest के अनुसार," नील टायसन ने कहा, "मुझे कभी उनकी सुरक्षा या मानसिक स्थिति को लेकर चिंता नहीं थी।" उन्होंने सीधे तौर पर कहा, "मैंने कभी उनके लिए सहानुभूति महसूस नहीं की। वे प्रोफेशनल हैं।"
टायसन ने हम को बताया, "नासा अपने एस्ट्रोनॉट्स को शारीरिक और भावनात्मक ताकत के आधार पर चुनता है। आठ दिनों का मिशन नौ महीने का बन गया, लेकिन इसका असर उनके काम पर नहीं दिखा। यही उनकी प्रोफेशनल ट्रेनिंग का नतीजा है।"
ने उनके बयान का गहराई से विश्लेषण किया। टायसन ने समझाया कि लंबे समय तक वज़नहीनता के कारण मांसपेशियों और संतुलन पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा, "ISS पर व्यायाम की सुविधाएं हैं, लेकिन पृथ्वी पर लौटने के बाद शुरुआती कुछ दिनों में संतुलन का संघर्ष होता है।"
टायसन ने मुस्कुराते हुए कहा, "शुरुआती दिनों में उन्हें प्लास्टिक कप ही दें, क्योंकि ग्लास संभालना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।"
टायसन ने इस बात पर जोर दिया कि सुनीता और बुट्च की मानसिक स्थिति पर कोई सवाल नहीं है। "यहां सहानुभूति की बात नहीं है। वे मानसिक रूप से पूरी तरह सक्षम और मजबूत लोग हैं।"
सोशल मीडिया पर यह बयान वायरल हो रहा है। हम ने सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं को भी कवर किया। कई लोग इसे एस्ट्रोनॉट्स की ट्रेनिंग पर विश्वास के रूप में देख रहे हैं, तो कुछ इसे ठंडे रवैये का नाम दे रहे हैं।
टायसन का यह बयान अंतरिक्ष अन्वेषण की जटिलताओं और चुनौतियों को समझने का नया नजरिया देता है। लेकिन यह भी सवाल उठाता है कि क्या एस्ट्रोनॉट्स के लिए सहानुभूति को नजरअंदाज करना सही है?
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