ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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आज के दौर में मिसाइलें किसी भी देश की सैन्य ताकत का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती हैं। हजारों किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन को कुछ ही मिनटों में निशाना बनाने वाली आधुनिक मिसाइलों ने युद्ध का स्वरूप पूरी तरह बदल दिया है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया की पहली आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइल किस देश ने बनाई थी? इसका जवाब है जर्मनी।
द्वितीय विश्व युद्ध में हुई शुरुआत
आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइल का इतिहास दूसरे विश्व युद्ध के दौरान शुरू हुआ। वर्ष 1944 में जर्मनी ने पहली बार V-2 (Vergeltungswaffe-2) नाम की बैलिस्टिक मिसाइल का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया। यह दुनिया की पहली लंबी दूरी की निर्देशित बैलिस्टिक मिसाइल मानी जाती है। उस समय यह तकनीक इतनी उन्नत थी कि इसने सैन्य रणनीतियों को हमेशा के लिए बदल दिया।
क्या थी V-2 मिसाइल की खासियत?
V-2 मिसाइल अपने समय की सबसे उन्नत सैन्य तकनीकों में शामिल थी।
इसकी प्रमुख विशेषताएं थीं:
• लंबाई लगभग 14 मीटर
• करीब 320 किलोमीटर तक मार करने की क्षमता
• भारी विस्फोटक ले जाने में सक्षम
• ध्वनि की गति से कई गुना अधिक रफ्तार
• लक्ष्य तक पहुंचने से पहले बहुत ऊंचाई तक जाने की क्षमता
उस दौर में किसी भी देश के पास ऐसी वायु रक्षा प्रणाली नहीं थी जो इस मिसाइल को हवा में रोक सके। यही वजह थी कि V-2 को उस समय बेहद खतरनाक हथियार माना जाता था।
वर्नर वॉन ब्राउन का अहम योगदान
V-2 मिसाइल के विकास का सबसे बड़ा श्रेय जर्मन रॉकेट वैज्ञानिक वर्नर वॉन ब्राउन को दिया जाता है। उन्होंने जर्मनी के मिसाइल कार्यक्रम का नेतृत्व किया और रॉकेट तकनीक को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त होने के बाद अमेरिका ने उन्हें अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम से जोड़ लिया। बाद में वर्नर वॉन ब्राउन ने अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के प्रसिद्ध Saturn V रॉकेट के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी रॉकेट की मदद से Apollo Mission के तहत पहली बार इंसानों ने चंद्रमा पर कदम रखा।
आज कहां पहुंच चुकी है मिसाइल तकनीक?
1944 में शुरू हुई मिसाइल तकनीक आज बेहद आधुनिक हो चुकी है। अब केवल बैलिस्टिक मिसाइलें ही नहीं, बल्कि क्रूज मिसाइल, हाइपरसोनिक मिसाइल और अत्याधुनिक प्रिसिजन-गाइडेड हथियार भी देशों की सेनाओं का हिस्सा हैं। हाइपरसोनिक मिसाइलें ध्वनि की गति से कई गुना तेज उड़ान भर सकती हैं और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम के लिए भी चुनौती मानी जाती हैं।
किन देशों के पास हैं आधुनिक मिसाइलें?
वर्तमान समय में दुनिया के कई देशों के पास उन्नत मिसाइल प्रणाली मौजूद है। इनमें प्रमुख रूप से:
• भारत
• अमेरिका
• रूस
• चीन
• फ्रांस
• ब्रिटेन
• उत्तर कोरिया
• पाकिस्तान
जैसे देश शामिल हैं। इन देशों के पास अलग-अलग दूरी और क्षमता वाली बैलिस्टिक, क्रूज और हाइपरसोनिक मिसाइलें मौजूद हैं।
युद्ध की तस्वीर बदलने वाली तकनीक
V-2 मिसाइल केवल एक सैन्य हथियार नहीं थी, बल्कि उसने आधुनिक रॉकेट विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान की नींव भी रखी। आज जिन रॉकेटों के जरिए उपग्रह अंतरिक्ष में भेजे जाते हैं और इंसान चंद्रमा तक पहुंचा है, उनकी तकनीकी जड़ें काफी हद तक उसी दौर के रॉकेट अनुसंधान से जुड़ी मानी जाती हैं। यही कारण है कि जर्मनी की V-2 मिसाइल को आधुनिक मिसाइल और रॉकेट तकनीक के इतिहास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जाता है।
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