ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और ऊर्जा संकट के बीच भारत के लिए एक राहत वाली खबर सामने आई है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी टैंकर
होर्मुज स्ट्रेट से गुजर चुके हैं, जबकि इस अहम समुद्री
मार्ग पर ट्रैफिक अब भी प्रभावित है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब सैकड़ों जहाज और हजारों
नाविक खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए बताए जा रहे हैं।
किन जहाजों का जिक्र
शिप
ट्रैकिंग डेटा के आधार पर बताया गया कि सोमवार 23 मार्च को पाइन गैस टैंकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरा।
उसके पीछे जग वसंत भी चल रहा था।
दोनों जहाज सोमवार दोपहर ईरान के लारक और क़ेशम द्वीपों के बीच के
जलक्षेत्र के पास थे और एक-दूसरे के करीब आगे बढ़ रहे थे।
ये दोनों उन 22 भारतीय झंडे वाले जहाजों में
शामिल बताए गए हैं जो पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद फारस की खाड़ी में
फंस गए थे।
पहले भी पहुंच चुके हैं कुछ जहाज
इससे
पहले एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी सुरक्षित रूप से भारतीय तट पर पहुंच चुके
हैं।
इन दोनों जहाजों में लगभग 92,712 टन एलपीजी
लाया जा रहा था।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक शिवालिक 16 मार्च
को गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंचा, जबकि नंदा देवी अगले
दिन गुजरात के कांडला बंदरगाह पर पहुंचा।
दोनों जहाजों ने 13 मार्च को यात्रा शुरू की
थी और 14 मार्च की सुबह होर्मुज स्ट्रेट को पार किया था।
फंसे जहाजों की स्थिति
उसी समय
होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय ध्वज वाले 28 जहाज मौजूद बताए गए थे।
इनमें से 24 जहाज जलडमरूमध्य के पश्चिमी
हिस्से में और 4 जहाज पूर्वी हिस्से में थे।
पिछले कुछ दिनों में दोनों तरफ से दो-दो जहाज सुरक्षित रूप से
जलडमरूमध्य तक पहुंचने में सफल रहे हैं।
इससे संकेत मिला कि सीमित स्तर पर भारतीय जहाजों की आवाजाही जारी
रही।
दूसरे जहाजों का भी उल्लेख
रिपोर्ट
में यह भी बताया गया कि संयुक्त अरब अमीरात से 80,886 टन कच्चा तेल लेकर चल रहा भारतीय ध्वज वाला
टैंकर जग लाडकी 18 मार्च को मुंद्रा बंदरगाह पहुंचा था।
इसके अलावा एक और टैंकर जग प्रकाश भी सुरक्षित रूप से जलडमरूमध्य
पार कर चुका है।
यह जहाज ओमान से अफ्रीका के लिए गैसोलीन लेकर तंजानिया की ओर जा रहा
था।
मौजूदा स्थिति
पश्चिम
एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट पर
जहाजों की आवाजाही प्रभावित बताई गई है।
इसके बावजूद भारतीय ध्वज वाले कुछ जहाज इस मार्ग को पार करने में
सफल रहे हैं।
पाइन गैस और जग वसंत का आगे बढ़ना भारत के एलपीजी आयात से जुड़े
घटनाक्रम में अहम माना जा रहा है।
फिलहाल समुद्री ट्रैफिक सामान्य नहीं बताया गया है, लेकिन भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही से स्थिति पर नजर बनाए रखी जा
रही है।
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