ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहा युद्ध अब एक महीने से अधिक समय से जारी है। इस संघर्ष का असर केवल मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारत भी इससे प्रभावित हुआ है। ताजा जानकारी के अनुसार, युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में अब तक 8 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि एक व्यक्ति अभी भी लापता है।
कुवैत में भारतीय कर्मचारी की मौत
सोमवार को ईरान की ओर से किए गए हमले में कुवैत के एक बिजली और वॉटर डिसेलिनेशन प्लांट में काम कर रहे एक भारतीय कर्मचारी की जान चली गई।विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर. महाजन ने इस घटना की पुष्टि की और मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने बताया कि कुवैत स्थित भारतीय दूतावास परिवार के संपर्क में है और शव को भारत लाने की प्रक्रिया जारी है।
पहले भी हो चुकी हैं कई मौतें
इससे पहले 20 मार्च को विदेश मंत्रालय ने 6 भारतीयों की मौत और एक के लापता होने की जानकारी दी थी। अब नए आंकड़ों के साथ यह संख्या बढ़कर 8 हो गई है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद में भी हाल की घटनाओं में एक भारतीय नागरिक की मौत की पुष्टि हुई है।
निकासी अभियान जारी
इन कठिन हालातों के बावजूद भारत सरकार लगातार अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने का प्रयास कर रही है। 28 फरवरी से अब तक लगभग 5.5 लाख भारतीयों को सुरक्षित भारत लाया जा चुका है। जो लोग अभी भी वहां फंसे हैं, उनके लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
भारत की अपील—शांति और संवाद
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत लगातार शांति और कूटनीतिक समाधान की अपील कर रहा है। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है, ताकि इस संघर्ष को जल्द खत्म किया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिति और समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर चर्चा की। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह ऊर्जा ढांचे पर हमलों का कड़ा विरोध करता है।
भारतीयों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
विदेश मंत्रालय ने बताया कि विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम काम कर रहा है और भारतीय दूतावास लगातार लोगों के संपर्क में हैं। छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए भी सरकार कदम उठा रही है। सीबीएसई, आईसीएसई और केरल बोर्ड के साथ-साथ जेईई और नीट की तैयारी कर रहे छात्रों को भी सहायता दी जा रही है।
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर अब भारत पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जहां एक तरफ जान-माल का नुकसान हुआ है, वहीं दूसरी ओर भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
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