साउथ ब्लॉक में आखिरी कैबिनेट बैठक: 80 साल बाद नए पीएमओ ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट होंगे प्रधानमंत्री मोदी
13 फरवरी को साउथ ब्लॉक में अंतिम कैबिनेट बैठक आयोजित होगी। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय नई इमारत ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट होगा। जानिए इस ऐतिहासिक बदलाव और नए पीएमओ की खासियतें।
साउथ ब्लॉक में आखिरी कैबिनेट बैठक: 80 साल बाद नए पीएमओ ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट होंगे प्रधानमंत्री मोदी
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भारत की प्रशासनिक और राजनीतिक इतिहास से जुड़ा एक अहम अध्याय अब बदलने जा रहा है। शुक्रवार, 13 फरवरी को होने वाली कैबिनेट बैठक कई मायनों में खास और भावनात्मक मानी जा रही है। यह बैठक साउथ ब्लॉक स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में आयोजित होने वाली आखिरी कैबिनेट बैठक होगी। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय नई इमारतसेवा तीर्थमें स्थानांतरित हो जाएगा। करीब 80 साल तक देश की सत्ता का केंद्र रहे साउथ ब्लॉक को इस बैठक के जरिए सम्मानजनक विदाई दी जाएगी।

 

साउथ ब्लॉक में आखिरी कैबिनेट बैठक

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह कैबिनेट बैठक शाम चार बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित होगी। यह बैठक सिर्फ प्रशासनिक रूप से ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और भावनात्मक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण होगी। साउथ ब्लॉक में पहली कैबिनेट बैठक 15 अगस्त 1947 को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुई थी। तब से लेकर अब तक इस इमारत ने भारत की राजनीति और प्रशासन के कई महत्वपूर्ण फैसलों को देखा है।

 

सेवा तीर्थ बनेगा नया पीएमओ

अब प्रधानमंत्री कार्यालय विजय चौक के पास तैयार किए गए नए परिसरसेवा तीर्थमें शिफ्ट होने जा रहा है। यह परिसर आधुनिक सुविधाओं से लैस है और करीब 2.26 लाख वर्ग फुट में फैला हुआ है। लगभग 1,189 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए इस परिसर में तीन मुख्य इमारतें हैं।

 

सेवा तीर्थ-1: प्रधानमंत्री कार्यालय का मुख्यालय

सेवा तीर्थ-2: कैबिनेट सचिवालय

सेवा तीर्थ-3: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय

 

इस नए परिसर में कैबिनेट बैठकों के लिए एक विशेष और अत्याधुनिक हॉल भी तैयार किया गया है।

 

इसी महीने हो सकता है शिफ्ट

जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने नए कार्यालय में शिफ्ट हो सकते हैं। अभी तक ज्यादातर कैबिनेट बैठकों का आयोजन प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास सात लोक कल्याण मार्ग पर किया जाता रहा है, जहां इसके लिए एक अलग कक्ष बना हुआ है। लेकिन सेवा तीर्थ में सभी प्रशासनिक व्यवस्थाओं को एक ही स्थान पर लाने की योजना बनाई गई है।

 

शिफ्टिंग का क्या होगा फायदा

इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री और उच्च अधिकारियों की आवाजाही को आसान बनाना है। इससे सुरक्षा और प्रशासनिक समन्वय बेहतर होगा। साथ ही प्रधानमंत्री के आवागमन के दौरान आम लोगों को होने वाली ट्रैफिक समस्याओं को भी कम किया जा सकेगा। नए प्रधानमंत्री आवास का निर्माण भी संसद भवन के पास किया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक कामकाज और ज्यादा सुगम हो जाएगा।

 

साउथ और नॉर्थ ब्लॉक बनेंगे संग्रहालय

प्रधानमंत्री कार्यालय के शिफ्ट होने के बाद साउथ और नॉर्थ ब्लॉक को सार्वजनिक उपयोग के लिए संग्रहालयों में बदलने की योजना बनाई गई है। नॉर्थ ब्लॉक में संग्रहालय बनाने का काम पहले ही शुरू हो चुका है। इन संग्रहालयों के जरिए आने वाली पीढ़ियां भारत की प्रशासनिक और राजनीतिक विरासत को करीब से समझ सकेंगी।

 

इतिहास के नए दौर की शुरुआत

साउथ ब्लॉक से पीएमओ का स्थानांतरण केवल इमारत बदलने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह भारत के प्रशासनिक ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। 13 फरवरी को होने वाली आखिरी कैबिनेट बैठक देश के इतिहास में एक भावुक और यादगार पल के रूप में दर्ज होगी।

 

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