ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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असम की राजनीति इन दिनों काफी गरमाई हुई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे की खबरों ने राज्य में सियासी हलचल बढ़ा दी है। हालांकि इन अटकलों के बीच असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के अध्यक्ष रव गोगोई खुलकर उनके समर्थन में सामने आए हैं।
गोगोई ने किया बोरदोलोई का बचाव
मीडिया से बातचीत में गौरव गोगोई ने कहा कि बोरदोलोई की छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने साफ तौर पर आरोप लगाया कि यह सब एक सुनियोजित रणनीति के तहत किया जा रहा है। गोगोई ने बताया कि उन्होंने हाल ही में कांग्रेस महासचिव जितेंद्र सिंह के साथ बोरदोलोई से मुलाकात की है, जहां आगामी चुनावों और राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
आरोप-प्रत्यारोप का दौर
गौरव गोगोई ने सीधे तौर पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मीडिया के जरिए कांग्रेस नेताओं की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह सब आगामी चुनावों से पहले कांग्रेस को कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा है। गोगोई ने मीडिया में चल रही खबरों को गलत बताते हुए उनकी कड़ी निंदा की।
कांग्रेस में एकजुटता का संदेश
इस्तीफे की खबरों के बीच कांग्रेस नेतृत्व ने एकजुटता दिखाने की कोशिश की है। गोगोई के बयान से साफ संकेत मिलता है कि पार्टी किसी भी तरह के अंदरूनी मतभेद की छवि को खत्म करना चाहती है। उन्होंने कहा कि बोरदोलोई पार्टी के वरिष्ठ और महत्वपूर्ण नेता हैं और उनके साथ पार्टी पूरी मजबूती से खड़ी है।
चुनाव से पहले बढ़ी सियासी सरगर्मी
असम में आने वाले चुनावों को देखते हुए सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीतियों में जुट गए हैं। ऐसे में बोरदोलोई जैसे बड़े नेता को लेकर उठ रही अटकलें राजनीतिक माहौल को और भी संवेदनशील बना रही हैं। प्रद्युत बोरदोलोई वर्तमान में नागांव लोकसभा सीट से सांसद हैं और राज्य की राजनीति में उनका अहम स्थान है। उनके हर कदम पर अब सभी की नजर बनी हुई है।
कुल मिलाकर, असम की राजनीति में यह मुद्दा एक बड़े विवाद का रूप ले चुका है। एक ओर जहां कांग्रेस अपने नेताओं के समर्थन में खड़ी नजर आ रही है, वहीं दूसरी ओर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। अब देखना होगा कि आने वाले समय में यह विवाद किस दिशा में जाता है और इसका असर आगामी चुनावों पर कितना पड़ता है।
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