ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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देश में एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर कांग्रेस नेता उदित राज ने मोदी सरकार पर तीखा हमला किया। अपने सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि यह कमी नेहरू जी की गलती का नतीजा है, क्योंकि उन्होंने पर्याप्त भंडारण नहीं किया। उनका कहना था कि इसी नाकामी की वजह से वर्तमान केंद्र सरकार जनता की मांग पूरी नहीं कर पा रही है।
कोविड और वर्तमान स्थिति पर सवाल
उदित राज ने कोविड के समय भी सरकार की गायब छवि का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक दिन सरकार एलपीजी की कमी नहीं होने का दावा करती है और अगले दिन कीमत बढ़ा देती है। उनका मानना है कि सरकार असली स्थिति को स्वीकार नहीं कर रही और जनता को सही जानकारी नहीं मिल रही।
उन्होंने संसद में बहस की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके अनुसार, राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी लगातार बहस की मांग कर रही है ताकि समाधान निकल सके। उदित राज ने यह भी कहा कि भारत में अब निर्णय लेने के लिए विदेशों से दिशा निर्देश आते हैं, जिससे संसद में चर्चा सीमित हो रही है।
एलपीजी संकट का समाधान जरूरी
उदित राज ने जोर देकर कहा कि अफवाहों पर तब ही लगाम लगेगा जब सरकार प्रैक्टिकल कदम उठाएगी। उनके अनुसार, जनता की लाइनें और गैस की किल्लत स्पष्ट संकेत हैं कि सरकार ने अभी तक समस्या को गंभीरता से नहीं लिया।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर उदित राज की राय
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर उन्होंने कहा कि भारत के जहाजों को रुकने की अनुमति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत इज़राइल या अमेरिका का समर्थन नहीं कर रहा है और न ही युद्ध में शामिल है। इस पर भारत को अपनी नीति स्वतंत्र रूप से अपनाने की जरूरत है।
लोकसभा अविश्वास प्रस्ताव पर टिप्पणी
उदित राज ने लोकसभा में ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर भी अपनी राय व्यक्त की। उनका कहना था कि आरोपों का स्पष्ट स्पष्टीकरण नहीं दिया गया, लेकिन लोकतंत्र में अक्सर “जिसकी लाठी उसकी भैंस” जैसी स्थिति देखने को मिलती है। बहुमत होने के कारण प्रस्ताव पास हो गया, लेकिन आरोप सत्य हैं और बने रहेंगे।
उदित राज का यह बयान केंद्र सरकार की एलपीजी नीतियों, पारदर्शिता और संसद में बहस को लेकर आलोचना का प्रतीक है। उनके विचारों से यह स्पष्ट होता है कि विपक्ष जनता की परेशानियों और ऊर्जा संकट को गंभीरता से उठा रहा है और सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है।
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