ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के बीच गाजियाबाद के लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने शहर की हवा को बेहतर बनाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बड़ी योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत मधुबन बापूधाम और इंद्रप्रस्थ योजना में 21 पार्कों का विकास किया जाएगा और जर्जर सड़कों की मरम्मत की जाएगी। टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है, जिससे जल्द ही काम जमीन पर दिखाई देने लगेगा।
21 पार्कों का होगा कायाकल्प
GDA ने शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने पर खास जोर दिया है। योजना के तहत 21 पार्कों को नए रूप में विकसित किया जाएगा। जीडीए के मुख्य अभियंता आलोक रंजन के अनुसार, मधुबन बापूधाम के एफ ब्लॉक में 11 पार्कों का विकास किया जाएगा। वहीं इंद्रप्रस्थ योजना के बी, एच और एफ ब्लॉक के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों में भी पार्कों को संवारा जाएगा।
इन पार्कों में 5 हजार से ज्यादा पौधे लगाए जाएंगे। पौधारोपण के जरिए न सिर्फ हरियाली बढ़ेगी, बल्कि शहर की हवा भी शुद्ध होगी। पार्कों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिसमें बच्चों के लिए प्ले एरिया, युवाओं के लिए ओपन जिम और बुजुर्गों के लिए वॉक-वे शामिल होंगे।
जर्जर सड़कों को मिलेगी नई पहचान
हरियाली के साथ-साथ GDA ने शहर की खराब सड़कों की समस्या पर भी ध्यान दिया है। गोविंदपुरम और मधुबन-बापूधाम क्षेत्र की कई सड़कें लंबे समय से गड्ढों और जलभराव की समस्या से जूझ रही थीं। बारिश के दौरान हालात और खराब हो जाते थे, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती थीं।
GDA सचिव विवेक मिश्रा ने बताया कि 30 मीटर चौड़ी और करीब 4 किलोमीटर लंबी सड़क की मरम्मत के लिए 12.02 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा पॉकेट-ए की आंतरिक सड़कों, नालों के निर्माण और रखरखाव के लिए 59 करोड़ रुपये का अलग बजट निर्धारित किया गया है। इससे जलभराव और गंदगी की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
औद्योगिक क्षेत्रों में भी हरित पहल
यह योजना सिर्फ रिहायशी इलाकों तक सीमित नहीं है। औद्योगिक क्षेत्रों में भी ग्रीन बेल्ट को मजबूत किया जाएगा। इससे फैक्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। हरित पट्टियों के विकास से वातावरण में संतुलन बना रहेगा और आसपास के क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा।
नर्सरियों का होगा आधुनिकीकरण
GDA अपनी तीन नर्सरियों को भी आधुनिक बनाने जा रहा है। इन नर्सरियों से पार्कों और ग्रीन बेल्ट के लिए पौधों की आपूर्ति की जाएगी। इससे पौधारोपण अभियान को निरंतर गति मिलेगी और शहर का सौंदर्यीकरण बेहतर तरीके से हो सकेगा।
शहरवासियों को बड़ी राहत
इस पूरी योजना का मकसद गाजियाबाद को अधिक हरा-भरा और सुविधाजनक बनाना है। प्रदूषण की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए यह पहल उम्मीद की किरण बनकर आई है। यदि योजना समय पर पूरी होती है, तो आने वाले समय में गाजियाबाद की सूरत और हवा दोनों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।
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