ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
कानपुर के पॉश इलाके ग्वालटोली में रविवार दोपहर लगभग 3.15 बजे एक खतरनाक हादसा हुआ। बताया गया कि तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी कार ने पहले एक बुलेट बाइक को टक्कर मारी और फिर एक ऑटो को टक्कर मारते हुए फुटपाथ पर चढ़ गई। इस घटना में छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि कार चला रहा युवक शिवम मिश्रा था, जो तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा का बेटा है। कई लोग यह भी बता रहे हैं कि वह घटना के समय नशे में था।
वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के दावे: पुलिस पर सवाल
हादसे के कई वीडियो सामने आए हैं, जिसमें दिख रहा है कि शिवम मिश्रा के बॉडीगार्ड उसे कार से निकालकर ले जा रहे थे। इन वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों की रिपोर्ट के बाद भी पुलिस अब तक आरोपी को पकड़ने में सफल नहीं हुई है। इसके कारण पुलिस के रवैये पर कई सवाल उठ रहे हैं:
पुलिस कमिश्नर का बयान
कानपुर पुलिस के कमिश्नर रघुबीर लाल ने मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक विवेचना में शिवम मिश्रा का नाम नहीं था, लेकिन अब उसे आरोपी के रूप में शामिल किया गया है। कमिश्नर ने बताया कि पुलिस आरोपी के घर भी गई है और परिवार ने बताया कि शिवम मिश्रा अस्पताल में भर्ती है।
पुलिस ने कहा कि पिता के सहयोग के भरोसे से जांच में तेजी आएगी। पिता से सवाल-जवाब भी किए जा चुके हैं। कमिश्नर ने यह भी स्पष्ट किया कि परिवार का दावा है कि गाड़ी ड्राइवर चला रहा था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और जांच के आधार पर पुलिस संतुष्ट है कि गाड़ी शिवम चला रहा था।
आरोपी ने घर की छत से झांका
जांच के दौरान पुलिस जब सोमवार को शिवम मिश्रा के घर गई, तो कोई बाहर नहीं आया। पुलिस ने घंटी बजाई लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। हालांकि, इस दौरान शिवम घर की छत से झांकते हुए दिखाई दिया। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की दिशा
पुलिस ने कहा कि परिवार के दावों के बावजूद, जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी का नाम FIR में दर्ज किया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई न्यायालय और जांच के अनुसार की जाएगी।
यह मामला न केवल कानपुर में सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अमीर और प्रभावशाली परिवारों के मामलों में पुलिस की कार्रवाई अक्सर सुस्त और विवादास्पद हो जाती है। अब शहर की जनता और सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर चिंता और सवाल उठ रहे हैं।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!