ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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अमेरिका के हवाई में स्थित दुनिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक किलाउएआ ज्वालामुखी एक बार फिर तेज गतिविधि के कारण चर्चा में है। हाल ही में इस ज्वालामुखी से लगभग 1000 फीट तक लावा उछलता देखा गया, जिससे आसपास के इलाकों में राख और छोटे पत्थर गिरने लगे। इस गतिविधि के कारण प्रशासन को एहतियात के तौर पर कुछ क्षेत्रों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है।
मंगलवार सुबह शुरू हुआ लावा निकलना
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ज्वालामुखी से लावा निकलने का सिलसिला मंगलवार सुबह शुरू हुआ। यह दिसंबर 2024 से चल रही ज्वालामुखीय गतिविधियों की 43वीं घटना बताई जा रही है। वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह विस्फोट कितने समय तक जारी रहेगा। इससे पहले भी कई बार ज्वालामुखी कुछ घंटों के लिए सक्रिय हुआ है, जबकि कुछ घटनाएं कई दिनों तक चली हैं।
फिलहाल आबादी के लिए बड़ा खतरा नहीं
अधिकारियों के अनुसार अभी लावा हवाई ज्वालामुखी राष्ट्रीय उद्यान के शिखर क्रेटर के भीतर ही सीमित है। फिलहाल आसपास के घरों या बस्तियों के लिए कोई बड़ा खतरा नहीं बताया गया है। हालांकि ज्वालामुखी से निकलने वाली राख और छोटे कांच जैसे कण आसपास के इलाकों में गिर रहे हैं, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
हाईवे और पार्क के कुछ हिस्से बंद
सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने राष्ट्रीय उद्यान के आसपास के कुछ इलाकों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इसके अलावा हवाई आइलैंड के प्रमुख मार्ग हाईवे 11 के कुछ हिस्सों को भी बंद किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर लोगों के लिए एक अस्थायी शरण स्थल भी तैयार किया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके।
नेशनल वेदर सर्विस की चेतावनी
नेशनल वेदर सर्विस ने भी इलाके के लोगों को राख गिरने को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। ज्वालामुखी से निकलने वाली राख और धूल हवा के जरिए दूर तक फैल सकती है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
स्वास्थ्य के लिए भी हो सकता है खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार ज्वालामुखी से निकलने वाले टेफ्रा यानी छोटे कांच जैसे कण आंखों, त्वचा और सांस से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा ये कण बारिश के पानी को जमा करने वाली टंकियों और सिस्टम को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। हवाई के बिग आइलैंड में कई घरों में वर्षा जल संग्रहण प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए यह एक बड़ी चिंता का विषय बन सकता है।
दुनिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में शामिल
किलाउएआ ज्वालामुखी को दुनिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में गिना जाता है। यहां समय-समय पर ज्वालामुखीय गतिविधियां देखी जाती रहती हैं।वैज्ञानिक लगातार इस ज्वालामुखी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में लोगों को पहले से चेतावनी दी जा सके।
प्रशासन और वैज्ञानिकों की निगरानी जारी
फिलहाल स्थानीय प्रशासन और वैज्ञानिकों की टीमें ज्वालामुखी की गतिविधियों की लगातार निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सुरक्षा के लिए जारी निर्देशों का पालन करना जरूरी है। अगर ज्वालामुखी की गतिविधि और बढ़ती है तो प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा कदम उठाए जा सकते हैं
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