ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर यानी नोएडा में ईद-उल-अजहा (बकरीद) को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। त्योहार के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने जिले में 28 मई से 30 मई 2026 तक धारा-163 लागू कर दी है। प्रशासन ने साफ किया है कि बिना अनुमति पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने और हथियारों के प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि अफवाह फैलाने वालों और भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
पुलिस कमिश्नर के निर्देशन में सख्त तैयारियां
नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों का दौरा कर हालात का जायजा लिया और पुलिसकर्मियों को जरूरी निर्देश दिए। पुलिस प्रशासन का कहना है कि बकरीद के दौरान बड़ी संख्या में लोग नमाज और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इसके अलावा किसान संगठनों और अन्य समूहों द्वारा धरना-प्रदर्शन की भी संभावना है। ऐसे में किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए पहले से कड़े कदम उठाए गए हैं।
क्यों लागू की गई धारा-163?
पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी आदेश के मुताबिक त्योहारों के दौरान भीड़ बढ़ने और कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए बीएनएसएस की धारा-163 लागू की गई है। इस आदेश के तहत बिना अनुमति किसी भी प्रकार की सभा, प्रदर्शन या जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी। पुलिस आयुक्त, अपर पुलिस आयुक्त या डीसीपी की पूर्व अनुमति के बिना पांच या उससे अधिक लोग सार्वजनिक रूप से इकट्ठा नहीं हो सकेंगे।
ड्रोन कैमरे और हथियारों पर प्रतिबंध
पुलिस प्रशासन ने ड्रोन कैमरे से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर भी रोक लगा दी है। केवल अधिकृत अनुमति मिलने पर ही ड्रोन का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके अलावा तलवार, त्रिशूल, चाकू, फरसा, हॉकी, लाठी-डंडे और अन्य धारदार हथियारों के सार्वजनिक प्रदर्शन पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। शादी या अन्य समारोहों में हर्ष फायरिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। हालांकि धार्मिक परंपरा के तहत सिख समुदाय के कृपाण को इस आदेश से छूट दी गई है।
सोशल मीडिया पर बढ़ी निगरानी
त्योहार के दौरान सोशल मीडिया पर भी पुलिस की खास नजर रहेगी। प्रशासन ने कहा है कि अफवाह फैलाने, सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने या भड़काऊ पोस्ट शेयर करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी। धार्मिक भावनाएं भड़काने वाले वीडियो, ऑडियो, पोस्टर या मैसेज साझा करना भी अपराध माना जाएगा। पुलिस साइबर टीम को विशेष रूप से सक्रिय किया गया है।
लाउडस्पीकर और ध्वनि सीमा के नियम
प्रशासन ने धार्मिक कार्यक्रमों में लाउडस्पीकर के उपयोग को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में तय ध्वनि सीमा का पालन करना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर रोक
पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन पर भी प्रतिबंध लगाया है। इसके अलावा ईंट-पत्थर, ज्वलनशील और विस्फोटक सामग्री जमा करने जैसी गतिविधियों को भी प्रतिबंधित किया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-223 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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