ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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रामजीलाल सुमन को व्हाट्सएप के जरिए जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। सांसद के मुताबिक 5 मार्च 2026 को एक ही मोबाइल नंबर से उन्हें दो बार धमकी भरे संदेश भेजे गए। मैसेज में साफ तौर पर जान से मारने की चेतावनी दी गई थी। साथ ही धमकी देने वाले ने यह भी लिखा कि वह उम्रकैद की सजा भुगतने के लिए तैयार है।
डीजीपी और अधिकारियों को भेजी शिकायत
मामले को गंभीर मानते हुए सांसद ने तुरंत उत्तर प्रदेश के डीजीपी और अन्य सुरक्षा अधिकारियों को शिकायत भेजी। शिकायत मिलने के बाद थाना हरीपर्वत में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और धमकी भेजने वाले नंबर की जानकारी जुटाई जा रही है।
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
रामजीलाल सुमन ने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार अलग-अलग नंबरों से धमकियां मिलती रही हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक गंभीरता से कार्रवाई नहीं की।उन्होंने कहा कि समय-समय पर पुलिस और प्रशासन को जानकारी दी जाती रही, लेकिन अपेक्षित स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई।
राणा सांगा बयान के बाद बढ़ा था विवाद
गौरतलब है कि पिछले साल राणा सांगा को लेकर दिए गए बयान के बाद सांसद रामजीलाल सुमन विवादों में आ गए थे। इस बयान का राजपूत समाज और कई संगठनों ने विरोध किया था। विवाद इतना बढ़ गया था कि करणी सेना के कार्यकर्ता उनके आवास तक पहुंच गए थे और वहां हंगामा भी हुआ था।
‘FIR के बाद भी कार्रवाई नहीं’
सांसद ने आरोप लगाया कि उनके आवास पर हुए हमले और दर्ज मुकदमों के बावजूद मुख्य आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि पुलिस केवल एफआईआर दर्ज कर औपचारिकता पूरी कर रही है, जबकि लगातार मिल रही धमकियों के बावजूद सुरक्षा को लेकर गंभीर कदम नहीं उठाए गए।
पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
पुलिस फिलहाल धमकी देने वाले नंबर की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की तकनीकी जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी। सपा सांसद रामजीलाल सुमन को मिली धमकी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी है।
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