ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और उसके असर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जैसे देशवासियों ने कोविड-19 महामारी के समय एकजुट होकर संकट का सामना किया था, वैसे ही अब ईंधन और वैश्विक आर्थिक संकट से निपटने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभानी होगी। मुख्यमंत्री ने लोगों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने और रिन्यूएबल एनर्जी की ओर बढ़ने की अपील की।
वैश्विक संकट का भारत पर असर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का असर सिर्फ तेल की कीमतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खाद्य सामग्री, उर्वरक और परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। ऐसे समय में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों को ईंधन की बचत करनी चाहिए और मेट्रो, कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल और शटल बस जैसी व्यवस्थाओं का ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए।
गोबर गैस और ग्रामीण मॉडल पर जोर
सीएम योगी ने ग्रामीण क्षेत्रों में गोबर गैस प्लांट आधारित सामूहिक किचन मॉडल विकसित करने की बात भी कही। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 7700 से अधिक गोआश्रय स्थलों में करीब 15 लाख गोवंश संरक्षित हैं। इनके जरिए बायोगैस तैयार कर एलपीजी पर निर्भरता कम की जा सकती है। मुख्यमंत्री के अनुसार इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
“देश रहेगा तो हम सब रहेंगे”
मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के समय राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील को अधूरी जानकारी के आधार पर आलोचना करने के बजाय गंभीरता से समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “देश रहेगा तो हम सब रहेंगे, प्रदेश सुरक्षित रहेगा तो हम भी सुरक्षित रहेंगे।”
भारत की पुरानी आर्थिक ताकत का जिक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने भारत के पुराने गौरवशाली इतिहास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 500 से 1500 वर्ष पहले भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी 44 से 45 प्रतिशत तक थी। उस समय भारत कृषि, हस्तशिल्प, व्यापार और पर्यटन के क्षेत्र में दुनिया का अग्रणी देश था। उन्होंने कहा कि भारत की ताकत सामूहिकता, परस्पर सहयोग और परंपरागत ज्ञान में थी। तीर्थयात्रा, व्यापार और सांस्कृतिक जुड़ाव ने पूरे देश को एक सूत्र में बांधकर रखा था।
2017 से पहले यूपी की स्थिति पर हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले की सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश “प्रश्न प्रदेश” बन गया था। कानून व्यवस्था खराब थी, व्यापारी पलायन कर रहे थे, किसान आत्महत्या कर रहे थे और युवाओं के सामने पहचान का संकट था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय प्रदेश में भ्रष्टाचार, परिवारवाद और माफिया राज चरम पर था। बिजली, सड़क और सिंचाई जैसी मूलभूत सुविधाओं की भी भारी कमी थी।
“डबल इंजन सरकार” ने बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2017 में डबल इंजन सरकार बनने के बाद प्रदेश की तस्वीर बदल गई। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद हर विभाग की समीक्षा की गई और विकास की नई कार्ययोजना बनाई गई। उन्होंने बताया कि आज प्रदेश के सभी 75 जिलों और 58 हजार ग्राम पंचायतों में समान विकास हो रहा है। अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू की गई है और भ्रष्टाचार पर भी सख्त कार्रवाई हो रही है।
एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
सीएम योगी ने कहा कि देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट प्रदेश को नई पहचान दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि नोएडा के जेवर में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट तैयार हो चुका है और जल्द ही वहां से उड़ानें शुरू होंगी। दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल, फोर-लेन सड़कें और राष्ट्रीय जलमार्ग जैसी परियोजनाएं भी प्रदेश की प्रगति को नई दिशा दे रही हैं।
एमएसएमई और रोजगार पर सरकार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश का एमएसएमई सेक्टर उपेक्षित था, लेकिन अब प्रदेश में 96 लाख से ज्यादा एमएसएमई यूनिट सक्रिय हैं। इनके जरिए करीब 3 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार ने निवेशकों के लिए स्पष्ट नीति बनाई है और 75 हजार एकड़ का लैंड बैंक तैयार किया गया है। अब यूपी निवेशकों के लिए सबसे पसंदीदा राज्यों में शामिल हो चुका है।
युवाओं और महिलाओं को लेकर क्या बोले सीएम
सीएम योगी ने कहा कि अब यूपी के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। सरकार अब तक 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दे चुकी है। उन्होंने पेपर लीक और नकल के खिलाफ सख्त कानून का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब दोषियों की संपत्ति जब्त करने और आजीवन कारावास जैसी सजा का प्रावधान किया गया है।
महिलाओं की सुरक्षा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज महिलाएं रात में भी बिना डर के बाहर निकल सकती हैं। उन्होंने दावा किया कि यूपी में कानून व्यवस्था पहले से काफी बेहतर हुई है।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था पर बड़ा दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ में 66 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे, जबकि पूरे साल प्रदेश में करीब 156 करोड़ पर्यटक आए। इससे होटल, टैक्सी, दुकानदार और छोटे कारोबारियों को रोजगार मिला। उन्होंने बताया कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 43 हजार रुपये से बढ़कर 1.20 लाख रुपये से ज्यादा हो गई है। वहीं यूपी का बजट 2.5 लाख करोड़ से बढ़कर 9 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पूरा भाषण सिर्फ ईंधन संकट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत, विकास और उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर से जोड़ने की कोशिश की। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे संकट के समय जिम्मेदारी निभाएं और ऊर्जा बचत के साथ देश के विकास में योगदान दें।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!