ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बड़े भाई प्रतीक यादव का अचानक निधन हो गया है। मात्र 13 दिनों के अंदर उन्हें दो बार दिल का दौरा पड़ा, जिसमें दूसरा दौरा जानलेवा साबित हुआ। उनकी मौत की खबर सुनकर यादव परिवार और सपा कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई है।
30 अप्रैल को पहला हार्ट अटैक
30 अप्रैल की शाम प्रतीक यादव फ्लाइट से लखनऊ के चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पहुंचे थे। VIP लाउंज की ओर जाते समय अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा। चक्कर आने के कारण वह चलते-चलते गिर पड़े। सहयोगियों ने तुरंत उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि प्रतीक को हार्ट अटैक आया है। उस समय उनकी जान दो वजहों से बच गई — पहला, दौरा माइनर था और दूसरा, समय पर अस्पताल पहुंच गए थे। उनकी पत्नी अपर्णा यादव भी अस्पताल पहुंच गई थीं।
डॉक्टरों की सलाह के बावजूद छोड़ दिया अस्पताल
जब प्रतीक थोड़े ठीक हुए तो उन्होंने डॉक्टरों से डिस्चार्ज मांग लिया। डॉक्टर रुचिका शर्मा ने उन्हें हाई ब्लड प्रेशर और नसों में ब्लड क्लॉटिंग (डीप वेन थ्रॉम्बोसिस) की समस्या बताई और पूरा आराम करने की सलाह दी। लेकिन 3 मई को प्रतीक अचानक अस्पताल छोड़कर घर चले गए।
5 मई को पैर की सर्जरी, 13 मई को दूसरा और घातक हार्ट अटैक
5 मई को प्रतीक ने अपने पैर की ब्लड क्लॉटिंग की सर्जरी कराई। 6 मई को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। घर आने के बाद वे ज्यादातर अपने कमरे में ही रहने लगे थे। अपर्णा यादव उस समय असम के दौरे पर थीं और लगातार फोन पर उनकी तबीयत का हाल ले रही थीं। 13 मई की सुबह 6:30 बजे प्रतीक को फिर से दिल का दौरा पड़ा। उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
परिवार में प्रतीक की खास जगह
प्रतीक यादव मुलायम सिंह यादव की पत्नी साधना यादव के पहले पति के बेटे थे। फिर भी मुलायम सिंह यादव उन्हें अपने बेटे की तरह मानते थे। मुलायम चाहते थे कि प्रतीक भी राजनीति में आएं, लेकिन प्रतीक हमेशा मना करते रहे। 2011 में सैफई में प्रतीक की शादी अपर्णा बिष्ट के साथ हुई थी, जिसमें अमिताभ बच्चन, जया बच्चन और अनिल कपूर जैसी हस्तियां शामिल हुई थीं। परिवार में कोई विवाद नहीं था और सब एकजुट थे।
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