ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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भारतीय क्रिकेट में पिछले एक साल के दौरान सबसे बड़ा बदलाव टेस्ट टीम की कप्तानी को लेकर देखने को मिला। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद चयनकर्ताओं ने युवा बल्लेबाज शुभमन गिल पर भरोसा जताते हुए उन्हें टीम इंडिया की टेस्ट कप्तानी सौंप दी थी। मई 2025 में मिली इस जिम्मेदारी के बाद अब गिल के नेतृत्व का लगभग एक साल पूरा हो चुका है। हालांकि शुरुआत में उनकी कप्तानी की काफी सराहना हुई, लेकिन अब टीम के प्रदर्शन को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। खासकर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की अंक तालिका में भारत की स्थिति ने क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।
इंग्लैंड दौरे से हुई कप्तानी की शुरुआत
शुभमन गिल ने अपने टेस्ट कप्तानी करियर की शुरुआत इंग्लैंड दौरे से की थी। विदेशी परिस्थितियों में टीम इंडिया ने अच्छा प्रदर्शन किया और सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराने में सफल रही। इस नतीजे के बाद गिल की कप्तानी की जमकर तारीफ हुई। इसके बाद भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 2-0 से जीत दर्ज की। अपेक्षाकृत कमजोर विपक्ष के खिलाफ मिली इस जीत ने गिल के शुरुआती कप्तानी रिकॉर्ड को मजबूत बनाया।
दक्षिण अफ्रीका सीरीज ने बढ़ाई मुश्किलें
गिल की कप्तानी पर असली सवाल तब उठे जब दक्षिण अफ्रीका ने भारत दौरे पर टीम इंडिया को 2-0 से टेस्ट सीरीज में हरा दिया। घरेलू मैदान पर मिली यह हार भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ा झटका मानी गई। विशेष रूप से दूसरे टेस्ट में भारतीय टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। इसी सीरीज के बाद क्रिकेट विशेषज्ञों ने गिल की रणनीति, टीम चयन और मैदान पर फैसलों को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
आंकड़े क्या कहते हैं?
अब तक शुभमन गिल ने 8 टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की है। इनमें टीम ने 4 मुकाबले जीते, 3 मैच हारे और 1 मैच ड्रॉ रहा। आंकड़ों के हिसाब से उनका जीत प्रतिशत लगभग 57.14 प्रतिशत है, जो पहली नजर में खराब नहीं लगता। लेकिन सिर्फ मैच जीतने का प्रतिशत पूरी तस्वीर नहीं दिखाता। सबसे बड़ा सवाल सीरीज जीतने की क्षमता पर उठ रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ ड्रॉ और वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत के बाद दक्षिण अफ्रीका से मिली घरेलू हार ने उनकी कप्तानी के रिकॉर्ड पर असर डाला है।
WTC में पिछड़ती टीम इंडिया
भारतीय टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025 का फाइनल खेलने में नाकाम रही थी और उस समय अंक तालिका में तीसरे स्थान पर थी। लेकिन गिल के कप्तान बनने के बाद स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है। वर्तमान में भारत WTC 2025-27 चक्र की अंक तालिका में छठे स्थान पर बताया जा रहा है। इससे टीम के फाइनल तक पहुंचने की संभावनाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है।
क्या बहुत जल्दी हो रही है आलोचना?
क्रिकेट विशेषज्ञों का एक वर्ग मानता है कि शुभमन गिल अभी युवा कप्तान हैं और उन्हें खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के संन्यास के बाद टीम संक्रमण के दौर से गुजर रही है। ऐसे में सिर्फ एक साल के प्रदर्शन के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी हो सकती है। हालांकि यह भी सच है कि भारतीय क्रिकेट में कप्तान का मूल्यांकन हमेशा परिणामों के आधार पर होता है।
आगे की राह आसान नहीं
आने वाले महीनों में भारतीय टीम को कई महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज खेलनी हैं। यदि भारत को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की दौड़ में बने रहना है तो गिल और उनकी टीम को लगातार बेहतर प्रदर्शन करना होगा। फिलहाल शुभमन गिल की कप्तानी पर बहस जारी है। कुछ लोग उन्हें भविष्य का सफल कप्तान मानते हैं, जबकि कुछ का मानना है कि उन्हें अभी नेतृत्व के स्तर पर काफी सीखने की जरूरत है। आने वाला समय ही तय करेगा कि गिल भारतीय टेस्ट क्रिकेट के अगले महान कप्तान बनते हैं या नहीं।
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