ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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मध्य पूर्व में लगातार बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका, लेबनान, इजरायल और ईरान से जुड़ी बड़ी कूटनीतिक और सैन्य गतिविधियां सामने आई हैं। एक ओर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने वॉशिंगटन में लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन से मुलाकात कर दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की, वहीं दूसरी ओर इजरायल ने ईरान को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि किसी भी मिसाइल हमले का जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा।
17 साल बाद लेबनान के राष्ट्रपति का अमेरिका दौरा
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन का यह दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है। साल 2009 में तत्कालीन राष्ट्रपति मिशेल सुलेमान की यात्रा के बाद यह पहला मौका है, जब लेबनान का कोई राष्ट्राध्यक्ष वॉशिंगटन पहुंचा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने विदेश विभाग में उनका स्वागत किया और दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, शांति और द्विपक्षीय सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति जोसेफ आउन मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात करेंगे।
लेबनान की कोशिशों की अमेरिका ने की सराहना
बैठक के बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिका लेबनान सरकार के उन प्रयासों की सराहना करता है, जिनका उद्देश्य देश की संप्रभुता को मजबूत करना, हिज्बुल्लाह को निहत्था करना और उसके सशस्त्र नेटवर्क को खत्म करना है। अमेरिका ने यह भी कहा कि वह लेबनान में स्थायी शांति, आर्थिक सुधार और स्थिरता लाने की दिशा में सरकार का पूरा सहयोग करेगा।
इजरायल-लेबनान शांति वार्ता में हुई प्रगति
इजरायल और लेबनान के बीच अप्रैल 2026 से अमेरिका की मध्यस्थता में शांति वार्ता चल रही है। जून में दोनों देशों ने एक प्रारंभिक समझौते पर सहमति जताई थी। इस समझौते के तहत दक्षिणी लेबनान से इजरायली सेना की चरणबद्ध वापसी और वहां लेबनानी सेना की तैनाती का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि, इस समझौते की सबसे बड़ी शर्त हिज्बुल्लाह का हथियार छोड़ना है। लेकिन ईरान समर्थित संगठन हिज्बुल्लाह ने इस शांति प्रक्रिया और समझौते दोनों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है, जिससे समझौते के लागू होने में बड़ी चुनौती बनी हुई है।
ईरान को इजरायल की सख्त चेतावनी
इसी बीच इजरायल और ईरान के बीच तनाव भी कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने साफ कहा कि यदि ईरान भविष्य में इजरायल पर मिसाइल हमला करता है, तो उसका जवाब पूरी ताकत के साथ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इजरायल किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह बयान उस समय आया जब जॉर्डन के अकाबा क्षेत्र की ओर दागी गई एक ईरानी मिसाइल को इजरायल और जॉर्डन की सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से रोक दिया।
इजरायली सेना भी हाई अलर्ट पर
इजरायल के सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने भी कहा कि देश का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह अलर्ट पर है। उन्होंने सैन्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी संभावित हमले की स्थिति में तुरंत और निर्णायक कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि यदि इजरायल की सुरक्षा को खतरा पहुंचता है, तो जवाब देने में किसी तरह की देरी नहीं की जाएगी।
मध्य पूर्व में बढ़ सकता है तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि एक तरफ अमेरिका लेबनान और इजरायल के बीच शांति स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ईरान और हिज्बुल्लाह का रुख इस प्रक्रिया को मुश्किल बना सकता है। आने वाले दिनों में राष्ट्रपति जोसेफ आउन और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात, साथ ही इजरायल-ईरान के बीच बढ़ता तनाव, पूरे मध्य पूर्व की राजनीति और सुरक्षा स्थिति पर बड़ा असर डाल सकता है। फिलहाल दुनिया की नजर इन घटनाक्रमों पर टिकी हुई है।
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