ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे भारतीय नागरिकों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। अमेरिकी अधिकारियों ने कमर्शियल ट्रक ड्राइवर के रूप में काम कर रहे करीब 30 भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी के खिलाफ संघीय कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जल्द ही भारत वापस भेजा जा सकता है। यह कार्रवाई अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) द्वारा चलाए गए विशेष अभियान "ऑपरेशन चेकमेट" के तहत की गई है। इस अभियान का उद्देश्य अमेरिका में अवैध रूप से रहकर कमर्शियल वाहन चला रहे लोगों की पहचान करना और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
क्या है ऑपरेशन चेकमेट?
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, 11 मई से 15 मई के बीच एरिजोना के युमा सेक्टर में बॉर्डर पेट्रोल एजेंटों ने ऑपरेशन चेकमेट चलाया। इस दौरान कुल 52 लोगों को हिरासत में लिया गया, जो अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे थे। इनमें से 36 लोग सेमी-ट्रक चालक के रूप में काम कर रहे थे। सबसे ज्यादा संख्या भारतीय नागरिकों की थी। गिरफ्तार किए गए 36 ट्रक ड्राइवरों में 30 भारतीय, जबकि अन्य मेक्सिको, अल सल्वाडोर और रूस के नागरिक बताए गए हैं।
कई लोगों के दस्तावेज हो चुके थे अमान्य
जांच में सामने आया कि इन लोगों के पास कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क, वॉशिंगटन और वर्जीनिया जैसे राज्यों के कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस थे। हालांकि कुछ लोगों के पास किसी भी प्रकार का वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। अधिकारियों ने बताया कि कई गिरफ्तार लोगों के पास रोजगार की अनुमति देने वाले दस्तावेज (Employment Authorization Documents) मौजूद थे, लेकिन उनकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। ऐसे में वे कानूनी रूप से अमेरिका में काम करने के पात्र नहीं थे।
सार्वजनिक सुरक्षा को बताया गया मुख्य कारण
अमेरिकी बॉर्डर पेट्रोल का कहना है कि यह अभियान केवल इमिग्रेशन नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा को भी मजबूत करना है। युमा सेक्टर के कार्यवाहक प्रमुख डस्टिन कॉडल ने कहा कि ऑपरेशन चेकमेट उन अवैध ड्राइवरों की पहचान करने के लिए चलाया गया है जो सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं। उनका कहना है कि भारी कमर्शियल वाहनों को चलाने वाले ड्राइवरों का कानूनी और तकनीकी रूप से योग्य होना बेहद जरूरी है।
डिपोर्टेशन की प्रक्रिया होगी शुरू
अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ संघीय कानून के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद उन्हें उनके मूल देशों में भेजा जाएगा। भारतीय नागरिकों के मामले में डिपोर्टेशन की प्रक्रिया पूरी होने पर उन्हें भारत वापस भेजा जाएगा।
भारतीय समुदाय में बढ़ी चिंता
इस कार्रवाई के बाद अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। हाल के वर्षों में अमेरिका में अवैध प्रवास और रोजगार नियमों को लेकर निगरानी और सख्ती लगातार बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी नागरिकों को अपने वीजा, वर्क परमिट और अन्य कानूनी दस्तावेजों की वैधता पर लगातार ध्यान देना चाहिए। नियमों का पालन न करने पर न केवल नौकरी जा सकती है, बल्कि गिरफ्तारी और डिपोर्टेशन जैसी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!