ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
दिल्ली‑NCR क्षेत्र में वायु गुणवत्ता अब फिर ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुँच गई है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव की आशंका बढ़ गई है। मंगलवार को नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली सहित आसपास के शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में तेज़ गिरावट दर्ज की गई, जिससे प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप ले लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम की विषम परिस्थितियाँ और कोहरे के कारण प्रदूषक कण हवा में फैलने के बजाय जमीन के करीब जम रहे हैं, जिससे वायु गुणवत्ता और बिगड़ रही है।
नोएडा और आसपास की स्थिति
नोएडा में AQI अचानक 336 से बढ़कर 426 तक पहुंच गया है, जिससे यहां के लोगों को अचानक ‘गंभीर’ वायु गुणवत्ता का सामना करना पड़ा। वहीं गाजियाबाद में AQI ‘बेहद खराब’ सीमा के करीब 392 रहा, जबकि ग्रेटर नोएडा में भी हवा की गुणवत्ता उम्मीद से अधिक खराब रही। दिल्ली में भी AQI औसतन 412 तक बढ़ गया, जो इस महीने चौथा ऐसा दिन है जब हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज हुई।
विशेष रूप से नोएडा के सेक्टर‑1 में 465, सेक्टर‑116 में 436 और सेक्टर‑125 में 415 तक AQI पहुंचा, जो वायु को बेहद अस्वास्थ्यकर बनाता है। गाजियाबाद के वसुंधरा में AQI 499 तक रिकॉर्ड हुआ, जिसने स्थिति को और चिंताजनक कर दिया।
प्रदूषण के प्रमुख कारण
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जानकारी के अनुसार, दिल्ली‑NCR का वायु प्रदूषण मुख्यतः वाहनों से होने वाले धुएँ, औद्योगिक उत्सर्जन और निर्माण कार्यों के कारण होता है। मौसम की स्थिति और हवा की धीमी गति ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है, जिससे पीएम2.5 एवं पीएम10 जैसे छोटे‑छोटे प्रदूषण कण वातावरण में लंबे समय तक बने रहे।
वहीं, भारतीय प्रक्षेपविज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर‑पश्चिमी दिशा से मध्यम गति वाली हवाएँ दोपहर के बाद कुछ राहत दे सकती हैं, जिससे AQI थोड़ा ‘बहुत खराब’ स्तर तक कम हो सकता है। हालांकि यह सुधार अस्थायी होगा और हवा की गुणवत्ता अगले कुछ दिनों में फिर से बिगड़ सकती है।
स्वास्थ्य पर प्रभाव और सलाह
गंभीर प्रदूषण के स्तर में सांस लेना हर किसी, विशेष रूप से बुज़ुर्गों, बच्चों और अस्थमा या दिल से जुड़े मरीजों के लिए खतरनाक है। विशेषज्ञों ने लोगों से सलाह दी है कि वे बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करें, अनावश्यक बाहरी गतिविधियाँ कम करें और प्रदूषण‑रोधी उपाय अपनाएँ। सर्दियों में कोहरे और वायु की कम गति इस समस्या को और सीधा प्रभावित कर रही है, जिससे तत्काल प्रशासनिक और नागरिक स्तर पर सावधानियाँ जरूरी हैं।
आगे की संभावना
वायु गुणवत्ता के विशेषज्ञों ने चेताया है कि मौसम की परिस्थितियों में पूर्ण बदलाव नहीं होने पर आज की उम्मीद की गई हल्की हवा के बावजूद AQI में भारी सुधार नहीं होगा। अगले कुछ दिनों में हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ या ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी रह सकती है, इसलिए लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!