ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ग्रेटर नोएडा में रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है। दादरी-सूरजपुर-छलेरा (DSC) रोड पर तिलपता से कंटेनर डिपो तक करीब 4 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड बनाने की योजना तैयार की गई है। इस परियोजना के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सर्वे और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का जिम्मा उत्तर प्रदेश सेतु निगम को सौंप दिया है। प्राधिकरण इस सर्वे और डीपीआर पर करीब 35 लाख रुपये खर्च करेगा।
रोजाना लगने वाले जाम से मिलेगी राहत
तिलपता गोलचक्कर से कंटेनर डिपो तक का हिस्सा लंबे समय से भारी ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है। इस मार्ग से ग्रेटर नोएडा, नोएडा, दादरी, गाजियाबाद और दिल्ली की ओर जाने वाले हजारों वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा वेस्ट से आने वाला ट्रैफिक भी 130 मीटर रोड के जरिए तिलपता गोलचक्कर पर पहुंचता है, जिससे यहां वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है।
बारिश में और बढ़ जाती है परेशानी
तिलपता गांव के पास सड़क अपेक्षाकृत संकरी होने के कारण अक्सर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। बारिश के मौसम में जलभराव और धीमी रफ्तार के कारण स्थिति और भी खराब हो जाती है। ऐसे में एलिवेटेड रोड बनने से ट्रैफिक का बड़ा हिस्सा ऊपर से गुजर सकेगा, जिससे मुख्य सड़क पर दबाव कम होगा।
पुलिस चौकी से शुरू होकर कंटेनर डिपो तक जाएगी सड़क
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक (प्रोजेक्ट) प्रभात शंकर के अनुसार, प्रस्तावित एलिवेटेड रोड तिलपता गोलचक्कर के पास स्थित पुलिस चौकी से शुरू होकर कंटेनर डिपो के पास समाप्त होगी। यहीं से दादरी रेलवे ओवरब्रिज (ROB) और रूपबास बाईपास की भी शुरुआत होती है, इसलिए यह परियोजना पूरे इलाके की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सर्वे के बाद तय होगी लेनों की संख्या
फिलहाल एलिवेटेड रोड कितनी लेन की होगी, इसका अंतिम फैसला सर्वे और डीपीआर तैयार होने के बाद लिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस मार्ग पर ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए कम से कम छह लेन की एलिवेटेड रोड की जरूरत है। हालांकि, अंतिम डिजाइन उपलब्ध जमीन और तकनीकी अध्ययन के आधार पर तय होगा।
भारी वाहनों के लिए बनेगा अलग रास्ता
परियोजना पूरी होने के बाद कंटेनर डिपो की ओर आने-जाने वाले भारी वाहन एलिवेटेड रोड का उपयोग करेंगे। इससे स्थानीय यातायात प्रभावित नहीं होगा और रोजाना लगने वाले जाम में काफी कमी आने की उम्मीद है। साथ ही नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को भी सफर के दौरान समय की बचत होगी।
प्राधिकरण ने शुरू कराई तैयारी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने बताया कि तिलपता और कंटेनर डिपो के बीच लगातार ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए एलिवेटेड रोड बनाने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए उत्तर प्रदेश सेतु निगम को सर्वे और डीपीआर तैयार करने का जिम्मा सौंप दिया गया है। परियोजना पूरी होने के बाद यह मार्ग ग्रेटर नोएडा के सबसे महत्वपूर्ण ट्रैफिक सुधार प्रोजेक्ट्स में शामिल हो सकता है और रोजाना हजारों वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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