नोएडा एयरपोर्ट के आसपास अवैध निर्माण पर सख्ती, 200 लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्षेत्र में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के आरोप में यमुना प्राधिकरण की शिकायत पर करीब 200 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
नोएडा एयरपोर्ट के आसपास अवैध निर्माण पर सख्ती, 200 लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। यमुना प्राधिकरण (YEIDA) की शिकायत पर पुलिस ने करीब 200 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि एयरपोर्ट के आसपास चिन्हित क्षेत्र में बिना अनुमति के अवैध निर्माण और प्लॉटिंग की जा रही थी। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के निर्माण न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं में भी बाधा बन सकते हैं।


जानकारी के अनुसार, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास कुछ लोग कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियां विकसित कर रहे हैं। बिना किसी स्वीकृत नक्शे और आवश्यक अनुमति के प्लॉट काटे जा रहे थे और लोगों को जमीन बेचने का काम भी किया जा रहा था। शिकायतों के बाद प्राधिकरण की टीम ने मौके पर निरीक्षण किया, जिसमें कई स्थानों पर नियमों का उल्लंघन सामने आया। 


निरीक्षण के बाद प्राधिकरण ने संबंधित मामलों की रिपोर्ट पुलिस को सौंपी। इसके आधार पर पुलिस ने लगभग 200 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की अलग-अलग समीक्षा की जाएगी। यदि किसी ने जानबूझकर अवैध निर्माण कराया है या लोगों को गुमराह कर प्लॉट बेचे हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश की सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाओं में से एक है। एयरपोर्ट के आसपास का पूरा क्षेत्र मास्टर प्लान के अनुसार विकसित किया जा रहा है। ऐसे में बिना अनुमति किए गए निर्माण भविष्य में सड़क, औद्योगिक क्षेत्र, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य विकास कार्यों में बाधा पैदा कर सकते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है।


प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट क्षेत्र के आसपास किसी भी जमीन या प्लॉट की खरीदारी करने से पहले उसकी वैधता की पूरी जांच कर लें। केवल प्राधिकरण से अनुमोदित परियोजनाओं और अधिकृत डेवलपर्स से ही संपत्ति खरीदें। अधिकारियों का कहना है कि अवैध कॉलोनियों में निवेश करने वाले लोगों को भविष्य में कानूनी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।


पुलिस का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद सभी आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। यदि जांच में अवैध प्लॉटिंग, धोखाधड़ी या अन्य अपराधों के प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।


विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के आसपास अवैध निर्माण रोकना बेहद जरूरी होता है। यदि शुरुआती चरण में ही ऐसे मामलों पर नियंत्रण नहीं किया जाए, तो भविष्य में शहरी विकास योजनाओं को लागू करना मुश्किल हो सकता है। इसी कारण सरकार और विकास प्राधिकरण एयरपोर्ट क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।


फिलहाल यमुना प्राधिकरण और पुलिस संयुक्त रूप से पूरे क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि भविष्य में भी जहां कहीं अवैध निर्माण या अवैध प्लॉटिंग मिलेगी, वहां इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध निर्माण या अवैध कॉलोनी की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।

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