ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ग्रेटर नोएडा में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में हाथी दांत की अवैध तस्करी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। बिसरख थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से प्रतिबंधित हाथी दांत बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी ऊंची कीमत बताई जाती है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
गुप्त सूचना पर हुई संयुक्त कार्रवाई
बिसरख थाना पुलिस और वन विभाग को सूचना मिली थी कि गौर सिटी-2 क्षेत्र में प्रतिबंधित हाथी दांत की खरीद-फरोख्त होने वाली है। सूचना मिलते ही संयुक्त टीम ने न्यू हैबतपुर कब्रिस्तान के पास एक खाली प्लॉट के आसपास घेराबंदी कर दी। जैसे ही दोनों आरोपी मौके पर पहुंचे, उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया।
दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस पूछताछ में आरोपियों की पहचान राजेंद्र और संदीप के रूप में हुई।
• राजेंद्र बुलंदशहर जिले के जहांगीराबाद क्षेत्र का रहने वाला है।
• संदीप गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी का निवासी है।
जांच में यह भी सामने आया कि दोनों कुछ समय से बस्ती जिले के एक गांव में रह रहे थे और वहीं से अपनी कथित अवैध गतिविधियों का संचालन कर रहे थे।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार, बरामद हाथी दांत प्रतिबंधित श्रेणी में आता है और इसकी खरीद-बिक्री भारतीय कानून के तहत अपराध है।
कहां इस्तेमाल होता है हाथी दांत?
जांच एजेंसियों के मुताबिक, हाथी दांत की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवैध मांग बनी रहती है। इसका उपयोग कथित रूप से महंगे आभूषण, सजावटी वस्तुएं और कुछ पारंपरिक उत्पाद बनाने में किया जाता है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी तस्करी रोकने के लिए कड़े कानून लागू हैं।
पूरे नेटवर्क की जांच शुरू
पुलिस और वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि बरामद हाथी दांत कहां से लाया गया था और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। साथ ही आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है।
ग्रेटर नोएडा में हाथी दांत तस्करी के इस मामले ने वन्यजीव अपराध के एक संभावित संगठित नेटवर्क की ओर संकेत किया है। फिलहाल पुलिस और वन विभाग पूरे गिरोह की कड़ियों को जोड़ने में जुटे हैं। जांच पूरी होने के बाद इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
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