ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मेडिकल डिवाइस पार्क, फिल्म सिटी और कई औद्योगिक परियोजनाओं के चलते जेवर और यमुना सिटी देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में शामिल हो चुके हैं। लेकिन विकास की इस रफ्तार के बीच एक बड़ी समस्या सामने आ रही है। क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए चार्जिंग स्टेशन और सीएनजी वाहनों के लिए पंपों की भारी कमी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार एक ओर इलेक्ट्रिक और स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी ओर जेवर क्षेत्र में आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार अपेक्षित गति से नहीं हो रहा है।
सीमित हैं EV चार्जिंग स्टेशन
वर्तमान में यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर टोल और छपरगढ़ टोल के आसपास ही कुछ EV चार्जिंग स्टेशन मौजूद हैं। इसके अलावा पूरे यमुना सिटी क्षेत्र में सार्वजनिक चार्जिंग सुविधाएं बेहद सीमित हैं। इस वजह से इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को यात्रा से पहले चार्जिंग की पूरी योजना बनानी पड़ती है। लंबी दूरी तय करने वाले लोगों के लिए यह समस्या और भी बड़ी बन जाती है।
एयरपोर्ट शुरू होने के बाद बढ़ेगी मांग
स्थानीय लोगों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने के बाद इस क्षेत्र में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ेगी। इसके साथ ही चार्जिंग स्टेशनों की मांग भी कई गुना बढ़ जाएगी। यदि समय रहते पर्याप्त चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं किया गया, तो भविष्य में वाहन चालकों को और अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
इलेक्ट्रिक बसों के लिए भी जरूरी है सुविधा
यमुना सिटी में पहले से कई इलेक्ट्रिक सिटी बसें संचालित हो रही हैं। इनके सुचारु संचालन के लिए भी पर्याप्त चार्जिंग स्टेशन जरूरी हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि सार्वजनिक परिवहन के विस्तार के साथ चार्जिंग नेटवर्क का भी तेजी से विकास किया जाएगा।
जेवर में एक भी CNG पंप नहीं
क्षेत्र की दूसरी बड़ी समस्या सीएनजी पंपों की कमी है। स्थानीय लोगों के अनुसार जेवर क्षेत्र में फिलहाल एक भी सीएनजी पंप नहीं है। सीएनजी वाहन चालकों को गैस भरवाने के लिए करीब 30 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इससे समय और ईंधन दोनों की अतिरिक्त खपत होती है। पूरे यमुना सिटी क्षेत्र में भी सीएनजी पंपों की संख्या बेहद कम है।
स्थानीय लोगों ने उठाई मांग
क्षेत्र के निवासियों ने प्रशासन से जल्द नई सुविधाएं विकसित करने की मांग की है।
• राकेश महेश्वरी का कहना है कि चार्जिंग स्टेशन की कमी के कारण EV चालकों को काफी परेशानी होती है।
• यतिंद्र कौशिक के मुताबिक एयरपोर्ट शुरू होने के बाद चार्जिंग स्टेशनों की जरूरत और बढ़ जाएगी।
• सुभाष चंद्र का कहना है कि सीएनजी पंप न होने से वाहन चालकों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
• दीपक अग्रवाल का मानना है कि बढ़ती आबादी को देखते हुए चार्जिंग स्टेशन और सीएनजी पंपों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।
• विकास जिंदल के अनुसार वर्तमान सुविधाएं केवल एक्सप्रेसवे तक सीमित हैं, जिससे स्थानीय लोगों को दिक्कत होती है।
समय रहते सुविधाओं का विस्तार जरूरी
यमुना सिटी और जेवर आने वाले वर्षों में उत्तर भारत के प्रमुख औद्योगिक और आर्थिक केंद्र बनने जा रहे हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क, बिजली और परिवहन सुविधाओं के साथ-साथ EV चार्जिंग स्टेशन और CNG पंपों का नेटवर्क भी तेजी से विकसित किया जाना चाहिए। इससे न केवल स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में निवेश और परिवहन व्यवस्था भी अधिक मजबूत होगी।
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