ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा की स्कैन उत्तर पुस्तिका को लेकर छात्रों की परेशानी अब राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है। शिवसेना (UBT) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए छात्रों को हो रही परेशानियों पर सवाल उठाए और सरकार की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब पहले से ही NEET पेपर लीक को लेकर शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रियंका चतुर्वेदी का सरकार पर हमला
प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने पोस्ट में लिखा, “मेलोडी खाओ और खुश हो जाओ, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा भूल जाओ।” उन्होंने कहा कि लाखों बच्चों को मानसिक तनाव दिया जा रहा है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
उन्होंने आगे लिखा कि छात्रों को बार-बार अलग-अलग जगह भटकना पड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार लोग अपनी कुर्सी से चिपके हुए हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और कई लोगों ने छात्रों की परेशानी को लेकर चिंता जताई। हाल के दिनों में प्रियंका चतुर्वेदी NEET पेपर लीक मामले में भी सरकार को घेर चुकी हैं और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर चुकी हैं।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, CBSE ने 12वीं बोर्ड परीक्षा की स्कैन उत्तर पुस्तिका देखने के लिए छात्रों से ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। इसके लिए 19 मई से 23 मई तक आवेदन की तारीख तय की गई थी। लेकिन आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही छात्रों को भारी तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कई छात्रों ने शिकायत की कि वेबसाइट बार-बार क्रैश हो रही है। कुछ मामलों में छात्रों के खाते से पैसे कट गए, लेकिन आवेदन पूरा नहीं हो पाया। वहीं कई लोगों का कहना था कि पेमेंट वेरिफाई नहीं हो रहा, जिससे वे आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
छात्रों पर बढ़ रहा मानसिक दबाव
बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट के बाद स्कैन कॉपी देखने की प्रक्रिया छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। कई छात्र अपने नंबरों को लेकर संतुष्ट नहीं होते और उत्तर पुस्तिका देखकर आगे की प्रक्रिया तय करते हैं। ऐसे में तकनीकी समस्याओं के कारण छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है। सोशल मीडिया पर कई छात्रों ने अपनी परेशानी साझा की और बोर्ड से व्यवस्था सुधारने की मांग की।
CBSE ने क्या कहा?
विवाद बढ़ने के बाद CBSE की ओर से सफाई भी सामने आई है। बोर्ड का कहना है कि ऑनलाइन पोर्टल पूरी तरह सही तरीके से काम कर रहा है। CBSE के मुताबिक 20 मई को शाम 7:30 बजे तक सिर्फ तीन घंटे में 1,27,146 आवेदन जमा किए गए। बोर्ड ने यह भी बताया कि कुल 3,87,399 स्कैन उत्तर पुस्तिकाओं के लिए आवेदन किए गए हैं। CBSE का दावा है कि पोर्टल पर भारी ट्रैफिक होने की वजह से कुछ छात्रों को अस्थायी दिक्कत का सामना करना पड़ा होगा।
शिक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
लगातार सामने आ रहे तकनीकी विवाद और परीक्षा संबंधी समस्याओं ने एक बार फिर देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष इसे छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बता रहा है, जबकि सरकार और बोर्ड व्यवस्था को सही बता रहे हैं। अब देखने वाली बात होगी कि CBSE इस समस्या का समाधान कितनी जल्दी करता है और छात्रों को राहत मिल पाती है या नहीं।
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