ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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तमिलनाडु की राजनीति में उस समय बड़ा भूचाल आ गया जब AIADMK प्रमुख एडप्पडी के. पलानीस्वामी (EPS) ने पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को उनके पदों से हटा दिया। इस कार्रवाई में एसपी वेलुमणि, सी.वे. षणमुगम समेत 17 जिला सचिवों और 18 विधायकों पर गाज गिरी है। यह फैसला उस समय आया जब इन विधायकों ने विश्वास मत के दौरान सीएम विजय की टीवीके (TVK) सरकार का समर्थन किया।
कैसे बची विजय सरकार?
मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार ने विधानसभा में 144 विधायकों का समर्थन हासिल कर बहुमत साबित कर दिया। सरकार को बहुमत के लिए सिर्फ 118 विधायकों की जरूरत थी। इस दौरान AIADMK के लगभग 25 विधायकों ने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर विजय सरकार के समर्थन में वोट दिया। यही बगावत अब पार्टी में बड़े संकट की वजह बन गई है।
बागी नेताओं का दावा – “डीएमके को रोकना जरूरी”
बागी विधायकों का नेतृत्व कर रहे सी.वे. षणमुगम ने दावा किया कि AIADMK और TVK की विचारधारा कई मुद्दों पर एक जैसी है। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों का मुख्य लक्ष्य डीएमके को सत्ता से हटाना है। षणमुगम ने कहा, “हमने कोई विश्वासघात नहीं किया। हमारी पार्टी का मूल सिद्धांत डीएमके के खिलाफ लड़ाई है। पिछले 50 वर्षों से हम यही करते आए हैं।”
EPS पर भी साधा निशाना
सी.वे. षणमुगम ने पलानीस्वामी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव हारने के बाद मुख्यमंत्री बनने की लालसा में पार्टी नेतृत्व ने AIADMK के मूल सिद्धांतों को भुला दिया है। उनका कहना था कि पार्टी को मजबूत करने के लिए जल्द आम परिषद की बैठक बुलानी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय नेतृत्व ने कार्रवाई का रास्ता चुना।
प्रेस रिलीज जारी कर हटाए गए नेता
विवाद बढ़ने के बाद AIADMK नेतृत्व ने आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी कर 17 जिला सचिवों को हटाने की घोषणा की। इनमें वे सभी प्रमुख नेता शामिल हैं जिन्होंने विश्वास मत में टीवीके सरकार का समर्थन किया था। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम पार्टी में अनुशासन बनाए रखने और भविष्य में बगावत रोकने के लिए उठाया गया है।
तमिलनाडु की राजनीति में नया समीकरण
विजय की राजनीति में एंट्री के बाद तमिलनाडु की सियासत तेजी से बदलती दिखाई दे रही है। TVK को मिला यह समर्थन आने वाले चुनावों में नए राजनीतिक गठबंधन और समीकरण पैदा कर सकता है। वहीं AIADMK के अंदर बढ़ता असंतोष पार्टी नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
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