ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
हैदराबाद में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के परिवार से जुड़े एक एजुकेशनल कैंपस को लेकर नया राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने आरोप लगाया है कि तेलंगाना की कांग्रेस सरकार झील के बफर जोन में बने 'बैरिस्टर फातिमा ओवैसी एजुकेशनल (KG-PG) कैंपस' के मामले में AIMIM का बचाव कर रही है। यह विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ अदालत तक भी पहुंच चुका है। वहीं AIMIM ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा है।
बीजेपी ने कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार जमीन और रियल एस्टेट से जुड़े मामलों में पक्षपात कर रही है। उनका कहना है कि आम लोगों के खिलाफ तो कार्रवाई तेजी से होती है, लेकिन प्रभावशाली लोगों से जुड़े मामलों में सरकार चुप्पी साध लेती है। रेड्डी ने आरोप लगाया कि सरकार AIMIM को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के लिए इस मामले में नरमी बरत रही है और इसी वजह से उचित कार्रवाई नहीं की जा रही।
क्या है पूरा विवाद?
विवाद हैदराबाद के चंद्रयानगुट्टा इलाके में स्थित बैरिस्टर फातिमा ओवैसी एजुकेशनल (KG-PG) कैंपस को लेकर है। आरोप है कि यह परिसर सालकम चेरुवु झील के फुल टैंक लेवल (FTL) और बफर जोन से जुड़े क्षेत्र में बनाया गया है। मामला तेलंगाना हाई कोर्ट तक पहुंचा, जहां अदालत ने सरकारी अधिकारियों से इस परियोजना को मिली मंजूरी और संबंधित रिकॉर्ड के बारे में स्पष्ट जानकारी मांगी। अदालत ने अधिकारियों की ओर से पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं कराए जाने पर भी चिंता जताई।
HYDRAA पर भी उठे सवाल
बीजेपी नेता किशन रेड्डी ने हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी (HYDRAA) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि यह एजेंसी आम नागरिकों के खिलाफ तो तेजी से कार्रवाई करती है, लेकिन इस मामले में निष्क्रिय बनी हुई है। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट की टिप्पणियों के बावजूद सरकार की ओर से अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई।
वोट बैंक की राजनीति का आरोप
रेड्डी ने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उनके अनुसार, सरकार AIMIM को पूरे मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधि मानकर फैसले ले रही है, जबकि ऐसा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे विवाद ने कांग्रेस और AIMIM दोनों की राजनीतिक कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
AIMIM ने आरोपों को किया खारिज
फातिमा ओवैसी, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की भतीजी और पार्टी नेता अकबरुद्दीन ओवैसी की बेटी हैं। वह लंदन से कानून की पढ़ाई करने के बाद इस एजुकेशनल कैंपस के संचालन से जुड़ी हैं। अकबरुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यदि कोई एक इमारत गिराएगा तो वे दस नई इमारतें खड़ी करेंगे। उनका यह बयान भी अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
बैरिस्टर फातिमा ओवैसी एजुकेशनल कैंपस को लेकर विवाद अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर गहराता जा रहा है। बीजेपी कांग्रेस सरकार पर पक्षपात का आरोप लगा रही है, जबकि AIMIM इन आरोपों को निराधार बता रही है। मामले की सुनवाई तेलंगाना हाई कोर्ट में जारी है और आगे आने वाले फैसले के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यह मुद्दा तेलंगाना की राजनीति में प्रमुख चर्चा का विषय बना हुआ है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!