ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर के हालिया बयान को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस मुद्दे पर कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी में सच बोलने वालों को निशाना बनाया जाता है और शशि थरूर भी उसी का सामना कर रहे हैं।
'कांग्रेस में सच बोलने की सजा मिलती है'
शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लंबे समय से ऐसी राजनीति करती रही है, जहां अलग राय रखने वाले नेताओं को महत्व नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि शशि थरूर ने केवल तथ्य सामने रखे हैं, लेकिन कांग्रेस के भीतर उन्हें लेकर विवाद खड़ा कर दिया गया। पूनावाला ने यह भी कहा कि कांग्रेस लंबे समय तक अंग्रेजों की 'फूट डालो और राज करो' की नीति पर चलती रही है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी की स्थापना ब्रिटिश शासनकाल में हुई थी और इसी वजह से उसकी कार्यशैली भी उसी सोच को दर्शाती है।
थरूर के बयान का किया जिक्र
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी के जन्मदिन के मौके पर शशि थरूर का बयान कांग्रेस के उस आरोप के विपरीत था, जिसमें कहा गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश यात्रा के दौरान भारतीय नाविकों और अन्य अहम मुद्दों को नहीं उठाया। पूनावाला के मुताबिक, थरूर ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत के दौरान भारत का पक्ष मजबूती से रखा और भारतीय हितों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि थरूर ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व, दूरदर्शिता और संवाद क्षमता की सराहना की।
'पहले भी थरूर को बनाया गया निशाना'
शहजाद पूनावाला ने दावा किया कि यह पहला मौका नहीं है जब शशि थरूर को अपनी राय रखने पर आलोचना का सामना करना पड़ा हो। उन्होंने कहा कि इससे पहले 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर दिए गए उनके बयान पर भी कांग्रेस के कुछ नेताओं और राहुल गांधी के समर्थकों ने उन्हें घेरा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केरल की राजनीति में भी थरूर को वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वह हकदार हैं और उनके खिलाफ लगातार बयानबाजी होती रही है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा और भारत से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने रखा।
थरूर के इसी बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई। बीजेपी इसे प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति की सराहना के रूप में पेश कर रही है, जबकि कांग्रेस के भीतर भी इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
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