ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए टेस्ट मैच खेलना हर खिलाड़ी का सपना होता है। कई क्रिकेटर सालों की मेहनत के बाद टीम इंडिया की टेस्ट कैप हासिल करते हैं। लेकिन हर खिलाड़ी का सफर लंबा नहीं होता। भारतीय क्रिकेट इतिहास में अब तक 50 ऐसे खिलाड़ी रहे हैं, जिन्हें टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू का मौका तो मिला, लेकिन वे सिर्फ एक ही टेस्ट मैच खेल पाए। इन खिलाड़ियों के नाम भारतीय क्रिकेट रिकॉर्ड्स में दर्ज हैं, लेकिन उन्हें दोबारा टेस्ट टीम में जगह नहीं मिल सकी। हाल ही में युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन का नाम भी इस सूची में जुड़ गया है, हालांकि उनके करियर की कहानी अभी पूरी नहीं हुई है।
साई सुदर्शन बने 50वें खिलाड़ी
23 वर्षीय साई सुदर्शन फिलहाल भारत के 50वें ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अभी तक केवल एक टेस्ट मैच खेला है। हालांकि उनकी उम्र और प्रतिभा को देखते हुए यह मानना जल्दबाजी होगी कि उनका टेस्ट करियर यहीं समाप्त हो गया है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में साई सुदर्शन को भारतीय टेस्ट टीम में और मौके मिल सकते हैं। इसलिए फिलहाल उनका नाम इस सूची में जरूर है, लेकिन भविष्य में यह स्थिति बदल सकती है।
कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी रहे बदकिस्मत
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कई ऐसे खिलाड़ी रहे जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन राष्ट्रीय टीम में लंबा करियर नहीं बना सके। इस सूची में पूर्व क्रिकेटर और वर्तमान में युवराज सिंह के पिता रहे योगराज सिंह का नाम भी शामिल है। इसके अलावा अजय शर्मा, राशिद पटेल, सलिल अंकोला, सुब्रतो बनर्जी, विजय यादव, रॉबिन सिंह, निखिल चोपड़ा, सबा करीम और विनय कुमार जैसे खिलाड़ी भी सिर्फ एक टेस्ट मैच तक ही सीमित रहे। इनमें से कई खिलाड़ियों ने घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन टीम संयोजन, प्रतिस्पर्धा या अन्य कारणों से उन्हें दूसरा मौका नहीं मिल पाया।
कर्ण शर्मा और नमन ओझा जैसे नाम भी सूची में
इस सूची में हाल के वर्षों के कुछ चर्चित खिलाड़ी भी शामिल हैं। स्पिनर कर्ण शर्मा, विकेटकीपर नमन ओझा और तेज गेंदबाज टी नटराजन जैसे खिलाड़ी भी सिर्फ एक टेस्ट मैच खेल पाए। विशेष रूप से कर्ण शर्मा का नाम इस सूची में चर्चा का विषय रहता है। 37 वर्ष की उम्र में उनके लिए भारतीय टेस्ट टीम में वापसी की संभावना बेहद कम मानी जाती है। इसी तरह नमन ओझा का टेस्ट करियर भी केवल एक मैच तक सीमित रह गया।
टेस्ट क्रिकेट में मौका मिलना आसान नहीं
भारतीय क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा हमेशा से बहुत अधिक रही है। एक स्थान के लिए कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दावेदारी पेश करते हैं। ऐसे में कुछ खिलाड़ियों को डेब्यू का अवसर तो मिल जाता है, लेकिन लगातार प्रदर्शन करने का मौका नहीं मिल पाता। कई बार टीम की रणनीति, चयनकर्ताओं की प्राथमिकता, चोट या उस समय मौजूद मजबूत खिलाड़ियों के कारण भी किसी क्रिकेटर का टेस्ट करियर आगे नहीं बढ़ पाता।
इतिहास में दर्ज रहेंगे ये नाम
भले ही इन खिलाड़ियों का टेस्ट करियर केवल एक मैच तक सीमित रहा हो, लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। हर खिलाड़ी को यह सम्मान नहीं मिलता। भारत के लिए एक टेस्ट मैच खेलने वाले इन 50 खिलाड़ियों के नाम हमेशा क्रिकेट इतिहास का हिस्सा रहेंगे। वहीं क्रिकेट प्रेमियों की नजर अब साई सुदर्शन पर होगी कि क्या वह इस सूची से बाहर निकलकर भारतीय टेस्ट टीम में लंबा और सफल करियर बना पाते हैं या नहीं।
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