ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में 29 जुलाई 2024 को एक गंभीर मामला सामने आया था। भदरसा इलाके में रहने वाली एक नाबालिग लड़की ने आरोप लगाया था कि स्थानीय बेकरी संचालक मोईद खान और उसकी बेकरी में काम करने वाले राजू खान ने उसके साथ गैंगरेप किया। इस आरोप के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। मामला बेहद संवेदनशील था क्योंकि पीड़िता नाबालिग थी।
एफआईआर दर्ज होने के बाद मोईद खान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इतना ही नहीं, प्रशासन की कार्रवाई के तहत उसका मकान भी बुलडोजर से गिरा दिया गया। यह मामला उस वक्त पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया था।
विधानसभा तक पहुंचा मामला
इस केस को लेकर उत्तर प्रदेश विधानसभा में भी जोरदार बहस हुई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इस मुद्दे को सदन में उठाया था। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा था कि मोईद खान सपा का नेता है और अयोध्या के सांसद की टीम से जुड़ा हुआ है। सीएम योगी ने उस समय कहा था कि 12 साल की बच्ची के साथ इस तरह की घटना बेहद शर्मनाक है और इसके बावजूद समाजवादी पार्टी की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
सीएम योगी का यह बयान अब एक बार फिर वायरल हो रहा है, क्योंकि कोर्ट का फैसला सामने आ चुका है।
कोर्ट का बड़ा फैसला
करीब दो साल तक चले इस मामले में अब अयोध्या की POCSO कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। बुधवार, 28 जनवरी को कोर्ट ने मोईद खान को बाइज्जत बरी कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि DNA टेस्ट रिपोर्ट में मोईद खान का नाम सामने नहीं आया, यानी उसका DNA पीड़िता से मैच नहीं हुआ। इसी आधार पर कोर्ट ने उसे दोषमुक्त करार दिया।
वहीं दूसरी ओर, मोईद के नौकर राजू खान को कोर्ट ने पूरे मामले में दोषी माना है। राजू खान का DNA पीड़िता से मैच हुआ, जिसके चलते कोर्ट ने उसे दोषी ठहराया है। अब 29 जनवरी को कोर्ट उसे सजा सुनाएगी।
परिवार का दावा: वीडियो बनाकर किया गया ब्लैकमेल
पीड़िता के परिवार ने पहले आरोप लगाया था कि आरोपियों ने घटना का वीडियो भी बनाया था। परिवार का कहना था कि इसी वीडियो के जरिए लड़की को बार-बार ब्लैकमेल किया गया और कई महीनों तक उसके साथ रेप किया जाता रहा। मामला तब सामने आया जब जुलाई 2024 में लड़की के दो महीने की गर्भवती होने की जानकारी मिली। हालांकि, कोर्ट में फैसले के दौरान DNA रिपोर्ट को सबसे अहम सबूत माना गया।
फिर उठे सवाल
मोईद खान के बरी होने के बाद कई सवाल फिर से उठने लगे हैं। गिरफ्तारी, घर पर बुलडोजर कार्रवाई और राजनीतिक बयानबाजी को लेकर बहस तेज हो गई है। वहीं, यह भी साफ हुआ है कि न्यायिक प्रक्रिया में वैज्ञानिक सबूत, खासकर DNA रिपोर्ट, कितनी अहम भूमिका निभाती है।
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