ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक संगीत सोम ने AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। संगीत सोम ने न सिर्फ उनके बयान का विरोध किया, बल्कि AIMIM पर गंभीर आरोप भी लगाए। इस बयानबाजी के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
संगीत सोम का AIMIM पर हमला
संगीत सोम ने AIMIM को लेकर कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि यह पार्टी आतंकियों को बढ़ावा देने वाली है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी एक बार फिर भारी बहुमत से सरकार बनाएगी और 350 सीटें जीतने का दावा किया।
उन्होंने ‘एक डंडा, एक झंडा और एक नेता’ वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि देश में भाजपा का ही नेतृत्व स्वीकार किया जाएगा। उनके मुताबिक, जनता अब विकास और राष्ट्रवाद की राजनीति को ही समर्थन दे रही है।
शौकत अली के बयान से शुरू हुआ विवाद
यह पूरा विवाद AIMIM नेता शौकत अली के उस बयान से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने लोगों से अपील की थी कि पार्टी को कम से कम 11 विधायक जिताएं।उन्होंने यह भी कहा था कि अगर उनकी पार्टी मजबूत होती है और किसी मुसलमान का एनकाउंटर होता है, तो जवाबी कार्रवाई भी की जाएगी। यह बयान उन्होंने एक ईद मिलन समारोह के दौरान दिया था, जो बाद में विवाद का कारण बन गया।
विकास और राजनीति पर उठाए सवाल
अपने संबोधन में शौकत अली ने विकास को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में विकास कुछ खास क्षेत्रों तक ही सीमित है और मेरठ जैसे शहरों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने बिना नाम लिए अन्य राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा और कहा कि जनता ने जिन नेताओं को समर्थन दिया, वे अब लोगों की समस्याओं पर चुप हैं।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
शौकत अली के बयान के बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया है। उनके खिलाफ मेरठ के लोहियानगर थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि भड़काऊ भाषण और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले बयान पर कार्रवाई की जा रही है। इससे यह साफ है कि प्रशासन इस मामले को लेकर सख्त रुख अपना रहा है।
मेरठ में यह विवाद दिखाता है कि चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो चुकी है। एक तरफ बीजेपी अपने विकास एजेंडे और मजबूत सरकार का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर AIMIM जैसे दल अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह राजनीतिक टकराव किस दिशा में जाता है और इसका चुनावी समीकरणों पर क्या असर पड़ता है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!