ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में 21 अप्रैल को जिला अदालत में अहम सुनवाई हुई। इस दौरान आरोपी मुस्कान और साहिल को कोर्ट में पेश किया गया, जहां दोनों ने खुद को निर्दोष बताया। जिला जज अनुपम कुमार ने दोनों आरोपियों से 32-32 सवाल पूछे, जिनमें से ज्यादातर सवालों के जवाब में दोनों ने कहा कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। कोर्ट में धारा-313 के तहत कार्रवाई की गई, जिसमें आरोपियों को अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई देने का मौका दिया जाता है। करीब 46 मिनट तक चली इस प्रक्रिया में पहले साहिल से सवाल-जवाब हुए, फिर मुस्कान को कटघरे में बुलाकर वही सवाल पूछे गए। दोनों के बयान दर्ज किए गए और इसके बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया।
साहिल ने क्या कहा?
साहिल ने कोर्ट में साफ कहा कि वह निर्दोष है और उसे गलत तरीके से इस केस में फंसाया गया है। जब उससे पूछा गया कि हत्या की रात वह कहां था, तो उसने दावा किया कि वह मेरठ में नहीं बल्कि दिल्ली में था। यह उसके बचाव का सबसे अहम बिंदु माना जा रहा है, जिसे वह आगे कोर्ट में साबित करने की कोशिश करेगा।
हालांकि, जब होटल में रुकने और घूमने की बात पूछी गई, तो उसने इसे स्वीकार किया। उसने कहा कि वह मुस्कान के साथ शिमला, कसौल और मसूरी घूमने गया था, लेकिन हत्या में उसका कोई हाथ नहीं है।
मुस्कान का बयान
मुस्कान ने भी खुद को निर्दोष बताया और कहा कि उसे प्रॉपर्टी विवाद के चलते फंसाया गया है। उसने स्वीकार किया कि वह साहिल के साथ घूमने गई थी और होटलों में रुकी थी, लेकिन उसने हत्या के आरोपों को पूरी तरह नकार दिया। जब उससे पूछा गया कि क्या उसने किसी से हथियार या अन्य सामान खरीदा था, तो उसने इन सभी आरोपों को गलत बताया।
गवाहों और सबूतों पर सवाल
इस केस में कई गवाहों के बयान सामने आए हैं, जिनमें होटल मालिक, दुकानदार और अन्य लोग शामिल हैं। हालांकि, कोर्ट में दोनों आरोपियों ने इन गवाहियों को गलत बताया और कहा कि उनके खिलाफ जो भी सबूत पेश किए गए हैं, वे निराधार हैं। अब अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी, जहां बचाव पक्ष अपने गवाह और सबूत पेश करेगा।
21 अप्रैल को एक खास बात यह भी रही कि करीब 13 महीने बाद मुस्कान और साहिल एक साथ कोर्ट में नजर आए। इस दौरान साहिल ने पहली बार मुस्कान की बेटी राधा को देखा। हालांकि, कोर्टरूम में दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 3 मार्च 2025 का है, जब मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में सौरभ राजपूत की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि उसकी पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद शव को टुकड़ों में काटकर एक ड्रम में सीमेंट और बालू से भरकर छिपा दिया गया था। इस घटना का खुलासा 17 मार्च को हुआ, जिसके बाद 18 मार्च को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद दोनों आरोपी घूमने के लिए शिमला और मनाली चले गए थे। इस दौरान मुस्कान अपने पति का मोबाइल इस्तेमाल करती रही, जिससे किसी को शक न हो। बाद में जब पैसे खत्म होने लगे, तो दोनों वापस मेरठ लौटे, जहां से पूरे मामले का खुलासा हुआ।
अब तक की जांच और आगे की प्रक्रिया
इस केस में अब तक 22 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। अभियोजन पक्ष ने अपने सभी सबूत पेश कर दिए हैं। अब कोर्ट में धारा-313 की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम बहस होगी, जिसके बाद अदालत अपना फैसला सुनाएगी।
सौरभ राजपूत हत्याकांड उत्तर प्रदेश के चर्चित मामलों में से एक बन चुका है। जहां एक तरफ पुलिस और गवाहों के आधार पर आरोपियों पर गंभीर आरोप हैं, वहीं दूसरी तरफ आरोपी खुद को निर्दोष बता रहे हैं। अब इस मामले में सच्चाई क्या है, यह कोर्ट के फैसले के बाद ही साफ हो पाएगा। फिलहाल सभी की नजरें 28 अप्रैल की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां केस नया मोड़ ले सकता है।
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