ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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गाजियाबाद के थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक इलाके में स्थित त्यागी मार्केट में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक एक के बाद एक दुकानों में आग लग गई। देखते ही देखते यह आग फैलकर करीब एक दर्जन से ज्यादा दुकानों को अपनी चपेट में ले गई। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि असली कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
आसपास की बिल्डिंग और CNG पंप से बढ़ा खतरा
यह आग सिर्फ दुकानों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसकी वजह से आसपास रहने वाले लोगों में भी दहशत फैल गई। मार्केट के चारों ओर हाई राइज सोसायटी हैं और पास में ही एक CNG पंप भी मौजूद है। अगर आग और फैलती, तो यह हादसा बेहद खतरनाक हो सकता था। सैकड़ों वाहनों की आवाजाही वाले इस इलाके में स्थिति कभी भी बेकाबू हो सकती थी।
20वीं मंजिल तक पहुंची आग की लपटें
आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी लपटें करीब 200 मीटर दूर स्थित अजनारा सोसायटी की 20वीं मंजिल तक पहुंच गईं। हालांकि राहत की बात यह रही कि जिस फ्लैट तक आग पहुंची, उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था। इससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
दमकल की टीम ने 2 घंटे में पाया काबू
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं की कई गाड़ियों के साथ नोएडा से भी मदद मंगाई गई। करीब 10 दमकल गाड़ियों ने लगातार दो घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने के लिए दो अलग-अलग टीमें बनाई गई थीं—एक मार्केट के लिए और दूसरी सोसायटी के फ्लैट के लिए।
जांच में उठे अवैध निर्माण के सवाल
मुख्य दमकल अधिकारी राहुल पाल के अनुसार, इस मामले में एक और अहम पहलू सामने आया है। यह जमीन किसी निजी व्यक्ति की बताई जा रही है, जिस पर यह मार्केट बना हुआ है। अब जांच में यह भी देखा जाएगा कि मार्केट वैध है या अवैध। यदि पहले से ही इस तरह की जांच की गई होती, तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था।
गनीमत रही, कोई जनहानि नहीं हुई
इतनी बड़ी आग के बावजूद सबसे राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई। हालांकि दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा है और व्यापारियों को आर्थिक झटका लगा है।
गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, ऐसे में सावधानी बेहद जरूरी है। गाजियाबाद की यह घटना एक चेतावनी है कि बिजली के उपकरणों की जांच और सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, वरना यह हादसा और भी बड़ा रूप ले सकता था।
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