ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मथुरा की सीजेएम कोर्ट ने उनके खिलाफ लड़कियों पर अभद्र टिप्पणी मामले में कंप्लेंट (परिवार) दर्ज कर लिया है। अब इस मामले में कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है और अगली सुनवाई 1 जनवरी, 2025 को तय की गई है।
मामले का इतिहास: आपत्तिजनक बयान वायरल
कुछ महीनों पहले कथावाचक अनिरुद्धाचार्य का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में उन्होंने बेटियों के चरित्र को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने कहा था कि आजकल बेटियों की शादी 25 साल की उम्र तक होती है, तब तक वह “कई जगह मुंह मार चुकी होती हैं।”
इस वीडियो के वायरल होने के बाद अनिरुद्धाचार्य की जमकर आलोचना हुई। लोगों ने उनके इस बयान को महिला सम्मान के खिलाफ बताया। आलोचना बढ़ने पर उन्होंने सफाई भी दी और कहा कि वह महिलाओं की बहुत इज्जत करते हैं, लेकिन इस बयान ने उन्हें कानूनी मुसीबत में डाल दिया।
अखिल भारत हिंदू महासभा की याचिका
इस मामले में अखिल भारत हिंदू महासभा की आगरा जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने अक्टूबर में सीजेएम कोर्ट मथुरा में याचिका दायर की। याचिका में उन्होंने अनुरोध किया कि अनिरुद्धाचार्य के आपत्तिजनक बयानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
सीजेएम उत्सव राज गौरव ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के बाद अब अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ औपचारिक केस दर्ज हो गया है।
आगामी सुनवाई और बयान
मथुरा की सीजेएम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 1 जनवरी, 2025 को होगी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के बयान दर्ज किए जाएंगे। कोर्ट बयान दर्ज करने के बाद आगे की प्रक्रिया तय करेगा और जरूरत पड़ने पर सजा या अन्य कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
अनिरुद्धाचार्य ने अपने बयान में कहा था कि उनके कथन को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। हालांकि कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया और आलोचना
वीडियो वायरल होने के बाद अनिरुद्धाचार्य की हर तरफ आलोचना हुई। कई लोगों ने उनके बयान को महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक और अनुचित बताया। सोशल मीडिया पर #अनिरुद्धाचार्य ट्रेंड करता रहा और लोग उनके बयान के खिलाफ आवाज उठाते रहे। कथावाचक ने सफाई में कहा कि उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था और वह महिलाओं का सम्मान करते हैं। बावजूद इसके कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई और अब मामला कोर्ट में पहुंच चुका है।
अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ यह केस महिलाओं के सम्मान और अभद्र टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई का उदाहरण है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कंप्लेंट दर्ज कर लिया। अब अगली सुनवाई में दोनों पक्षों के बयान दर्ज होंगे और कोर्ट फैसला लेगा कि किन परिस्थितियों में क्या कार्रवाई की जानी चाहिए।
यह घटना दर्शाती है कि सोशल मीडिया पर किए गए बयानों का कानूनी महत्व होता है और किसी भी अभद्र टिप्पणी के लिए जिम्मेदारी तय की जा सकती है। अनिरुद्धाचार्य का मामला इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन गया है।
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