ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
उत्तरी दिल्ली के वजीरपुर इलाके में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये मूल्य के पुराने, चलन से बाहर हो चुके नोट जब्त किए हैं। यह कार्रवाई एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिससे अवैध नकदी की आवाजाही का पता चला। नोटबंदी के सालों बाद भी पुराने नोटों का गुप्त कारोबार पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, यह छापेमारी इसका प्रमाण है।
पुलिस को मिली गुप्त सूचना और छापेमारी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, टीम को सूचना मिली कि वजीरपुर इलाके में अवैध नकदी की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर स्थानीय पुलिस और विशेष टीम ने मिलकर इलाके में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों से भरे कई बैग बरामद किए गए। यह नोट नवंबर 2016 की नोटबंदी के बाद अमान्य घोषित किए जा चुके थे।
संदिग्धों की हिरासत और पूछताछ
छापेमारी के दौरान नोटों से भरे बैग ले जा रहे कई व्यक्तियों को मौके पर हिरासत में लिया गया। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह नकदी कहां से आई, किस नेटवर्क से जुड़ी है और इसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। अधिकारियों का मानना है कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है, जो पुराने नोटों को गैरकानूनी तरीके से बाजार में बदलने या इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है।
वाहनों की जब्ती और जांच
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो वाहनों को भी जब्त किया, जिनका कथित रूप से इस नकदी के परिवहन में इस्तेमाल किया जा रहा था। अब ये वाहन फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के दायरे में हैं। जांच से यह पता लगाया जाएगा कि कोई बड़ा नेटवर्क या अन्य सह-आरोपी इसमें शामिल हैं या नहीं।
जांच में दिल्ली पुलिस सक्रिय
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हिरासत में लिए गए व्यक्तियों से पूछताछ जारी है। उनका मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि यह पुरानी मुद्रा कहां से लाई गई और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं। दिल्ली पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
पुराने नोटों का गुप्त कारोबार जारी
नोटबंदी के आठ साल बाद भी पुराने नोटों का जब्त होना एक सामाजिक और कानूनी चिंता का विषय है। यह मामला बताता है कि कुछ नेटवर्क अभी भी पुराने नोटों का गुप्त उपयोग या विनिमय करने की कोशिश में सक्रिय हैं। भारतीय कानून स्पष्ट रूप से ऐसे लेन-देन पर रोक लगाता है।
वजीरपुर की यह छापेमारी यह साबित करती है कि पुरानी, अमान्य मुद्रा का अवैध कारोबार अभी भी जारी है। दिल्ली पुलिस की सक्रियता और जांच से उम्मीद है कि इस नेटवर्क का पर्दाफाश होगा। आने वाले दिनों में मामले में और खुलासे हो सकते हैं, जो अवैध नकदी के व्यापार के खिलाफ सख्ती का संदेश देंगे।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!