ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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बांग्लादेश में गुरुवार को हुए आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने स्पष्ट बहुमत के साथ जीत हासिल की है। इस जीत के बाद बीएनपी के अध्यक्ष तारिक रहमान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की तरफ से बधाई संदेश भेजा और भरोसा दिलाया कि भारत हमेशा बांग्लादेश के साथ खड़ा रहेगा। तारिक रहमान बीएनपी प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं। चुनाव जीतने के बाद वह बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री बनने की संभावना रखते हैं।
पीएम मोदी ने ट्वीट कर दी बधाई
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X (पूर्व Twitter) पर पोस्ट कर लिखा, “बांग्लादेश में पार्लियामेंट्री चुनावों में बीएनपी को बड़ी जीत दिलाने के लिए मैं तारिक रहमान को दिल से बधाई देता हूं। यह जीत बांग्लादेश के लोगों का आपके लीडरशिप पर भरोसा दिखाती है।”
उन्होंने आगे लिखा कि भारत एक डेमोक्रेटिक, प्रोग्रेसिव और सबको साथ लेकर चलने वाले बांग्लादेश के सपोर्ट में खड़ा रहेगा। पीएम मोदी ने दोनों देशों के साझा विकास लक्ष्य और रिश्तों को मजबूत करने की बात भी कही और आशा जताई कि वह बीएनपी नेतृत्व के साथ काम करेंगे। यह संदेश ऐसे समय में आया है जब भारत और बांग्लादेश के बीच यूएनुस राज के दौरान रिश्तों में कुछ तनाव देखा गया था।
बीएनपी ने हासिल किया स्पष्ट बहुमत
बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, 300 सदस्यीय संसद में बीएनपी ने 151 से अधिक सीटें जीत ली हैं। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने अभी तक औपचारिक घोषणा नहीं की है। इस चुनाव को देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी के बिना देखा गया।
अवामी लीग की चुनावी हिस्सेदारी न होने के कारण यह चुनाव मुख्य रूप से बीएनपी और उनके पूर्व सहयोगी जमात-ए-इस्लामी के बीच सीधी टक्कर था। बीएनपी की इस जीत ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता ने अपने अगले प्रधानमंत्री के रूप में तारिक रहमान को प्राथमिकता दी है।
बांग्लादेश में चुनाव का तरीका
बांग्लादेश में इस बार 13वां आम चुनाव आयोजित किया गया, जो 84 सूत्री सुधार पैकेज और जनमत संग्रह के साथ किया गया। इसे ‘जुलाई राष्ट्रीय घोषणापत्र’ भी कहा जाता है। बीएनपी ने चुनाव से पहले घोषणा की थी कि यदि वह जीतती है, तो खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। रहमान लगभग 17 वर्षों के आत्मनिर्वासन के बाद दिसंबर में बांग्लादेश लौटे थे।
चुनाव में 300 में से 299 संसदीय सीटों पर मतदान हुआ। एक निर्वाचन क्षेत्र में उम्मीदवार की मृत्यु के कारण मतदान रद्द कर दिया गया। मतदान सुबह 7:30 बजे शुरू हुआ और शाम 4 बजे तक जारी रहा।
व्यापक सुरक्षा इंतजाम
इस चुनाव को लेकर अंतरिम सरकार ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की। लगभग 10 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए, जो देश के इतिहास में किसी भी चुनाव की अब तक की सबसे बड़ी तैनाती थी।
रहमान ने जीत की तैयारी के लिए कोई बड़ी रैलियां नहीं निकालीं। उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से जुमे की नमाज के बाद विशेष दुआएं करने की अपील की। यह कदम उनकी संयमित और शांतिपूर्ण रणनीति को दर्शाता है।
बीएनपी की रणनीति और जनता का संदेश
बीएनपी की जीत यह दिखाती है कि जनता पूर्व नेतृत्व और नई राजनीतिक दिशा दोनों के लिए उत्सुक थी। बीएनपी ने इस चुनाव में लोकप्रिय समर्थन और संगठनात्मक ताकत का प्रभावी इस्तेमाल किया।
तारिक रहमान ने चुनाव के दौरान स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया कि उनकी सरकार किसानों, आम जनता और लोकतंत्र के अधिकारों के लिए काम करेगी। यह जीत उनके नेतृत्व और जनता के भरोसे का संकेत है।
भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर असर
पीएम मोदी ने बीएनपी की जीत पर तुरंत बधाई संदेश भेजकर संकेत दिया कि भारत और बांग्लादेश के बीच दोस्ताना और सहयोगी संबंध जारी रहेंगे। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भारत बीएनपी के नेतृत्व वाले बांग्लादेश के साथ साझा विकास, आर्थिक और सामाजिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में सहयोग करेगा। इस संदेश ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि चुनाव परिणाम से भारत-बांग्लादेश संबंधों पर नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
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