ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत को फिर से शुरू कराने की कोशिशें तेज हो गई हैं। इस दिशा में पाकिस्तान अहम भूमिका निभाता नजर आ रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर की हालिया मुलाकात ने कूटनीतिक हलकों में नई उम्मीद जगाई है।
तेहरान में अहम मुलाकात
असीम मुनीर बुधवार को तेहरान पहुंचे, जहां उनका स्वागत खुद अब्बास अराघची ने किया। इस मुलाकात के बाद अराघची ने कहा कि ईरान शांति और स्थिरता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरान बातचीत के जरिए समाधान निकालने में दिलचस्पी रखता है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता की सराहना
अराघची ने अपने बयान में पाकिस्तान की भूमिका की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास कर रहा है। यह पहल ऐसे समय में हो रही है, जब ईरान और अमेरिका के बीच पिछले दौर की बातचीत बेनतीजा रही थी।
क्या ट्रंप का संदेश लेकर पहुंचे मुनीर?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, असीम मुनीर वॉशिंगटन से Donald Trump का संदेश लेकर तेहरान पहुंचे हैं। इस संदेश का मकसद दोनों देशों के बीच संभावित दूसरे दौर की बातचीत के लिए आधार तैयार करना है। इसे पाकिस्तान की ओर से गतिरोध तोड़ने की एक बड़ी कूटनीतिक कोशिश माना जा रहा है।
इस्लामाबाद बन सकता है अगला मंच
सूत्रों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच अगली वार्ता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हो सकती है। व्हाइट हाउस की ओर से भी संकेत दिए गए हैं कि बातचीत उसी स्थान पर हो सकती है, जहां पिछला दौर हुआ था। पहले दौर की बातचीत में दोनों देशों के शीर्ष नेता और अधिकारी शामिल हुए थे, और करीब 21 घंटे तक चर्चा चली थी।
तनाव के बीच बातचीत की कोशिश
यह पूरी कूटनीतिक हलचल ऐसे समय में हो रही है, जब क्षेत्र में तनाव और अस्थिरता बढ़ी हुई है। हाल ही में युद्धविराम की स्थिति भी नाजुक बनी हुई है। हालांकि अमेरिका ने साफ किया है कि वह युद्धविराम बढ़ाने के पक्ष में नहीं है, लेकिन बातचीत के जरिए समाधान निकालना उसकी प्राथमिकता बनी हुई है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!