ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक बार फिर भारत दौरे पर आने वाले हैं। इस बार उनका दौरा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए होगा, जो इस साल सितंबर में आयोजित होने की संभावना है। यह जानकारी क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने दी है, जिससे साफ हो गया है कि पुतिन इस महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लेंगे।
क्या है ब्रिक्स शिखर सम्मेलन?
ब्रिक्स (BRICS) दुनिया के प्रमुख उभरते देशों का एक समूह है। इसमें भारत, रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे बड़े देश शामिल हैं। हाल के वर्षों में इस संगठन का विस्तार हुआ है और इसमें कई नए सदस्य भी जुड़े हैं, जैसे—ईरान, सऊदी अरब, यूएई, मिस्र और इथियोपिया। इस शिखर सम्मेलन में आर्थिक सहयोग, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक राजनीति जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होती है।
कब हो सकता है सम्मेलन?
हालांकि अभी तक इस सम्मेलन की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह 12-13 सितंबर के आसपास आयोजित किया जा सकता है। इस बैठक में सभी सदस्य देशों के शीर्ष नेता शामिल होंगे और कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
भारत-रूस रिश्तों को मिलेगा बढ़ावा
पुतिन का यह दौरा भारत और रूस के मजबूत रिश्तों को और गहराई देने वाला माना जा रहा है। इससे पहले दिसंबर 2025 में भी पुतिन भारत आए थे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा की थी। उस दौरान दोनों देशों ने ऊर्जा, रक्षा और व्यापार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया था।
रणनीतिक साझेदारी पर जोर
भारत और रूस के बीच “विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी” लंबे समय से बनी हुई है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के बीच इस साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा होने की उम्मीद है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं और नए वैश्विक गठबंधन बन रहे हैं।
वैश्विक राजनीति में अहम कदम
पुतिन का भारत दौरा सिर्फ एक कूटनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति के लिए भी अहम संकेत है।
• ब्रिक्स जैसे मंच पर बड़े फैसले लिए जाते हैं
• भारत की अंतरराष्ट्रीय भूमिका मजबूत होती है
• और भारत-रूस संबंधों को नई दिशा मिलती है
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस सम्मेलन से वैश्विक स्तर पर क्या नए बदलाव सामने आते हैं।
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