ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर बयानबाज़ी तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे और कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने RSS पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने संगठन की फंडिंग, रजिस्ट्रेशन और टैक्स भुगतान को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।
RSS पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
मीडिया से बातचीत में प्रियांक खरगे ने आरोप लगाया कि RSS से जुड़े करीब 2500 संगठन काम कर रहे हैं और उन्हें अमेरिका व इंग्लैंड सहित कई देशों से फंडिंग मिलती है। उन्होंने कहा कि सरकार को इसकी पूरी जानकारी है, ऐसे में यह मानने में हर्ज नहीं कि इसके पीछे एक बड़ा मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क हो सकता है।
खरगे का कहना है कि जब आम नागरिकों और अन्य संस्थाओं की आय-व्यय का पूरा हिसाब रखा जाता है, तो RSS की फंडिंग पर जवाबदेही क्यों तय नहीं की जाती? उन्होंने मांग की कि संगठन के पैसों के स्रोत को सार्वजनिक किया जाए।
‘गुरु दक्षिणा’ पर उठाए सवाल
प्रियांक खरगे ने RSS की ओर से बताए जाने वाले ‘गुरु दक्षिणा’ के तर्क पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि जब संगठन से फंडिंग के स्रोत के बारे में पूछा जाता है, तो वे इसे ‘गुरु दक्षिणा’ बता देते हैं।
उन्होंने पूछा कि यह ‘गुरु दक्षिणा’ आखिर कहां से आती है और क्या इस पर टैक्स दिया जाता है? खरगे ने तंज कसते हुए कहा कि अगर वे भी किसी झंडे के नाम पर चंदा इकट्ठा करें, तो क्या सरकार उसे भी ‘गुरु दक्षिणा’ मान लेगी?
रजिस्ट्रेशन और कानूनी दायरे की बात
कर्नाटक के मंत्री ने यह भी कहा कि देश में लागू कानून और संविधान सभी संगठनों पर समान रूप से लागू होने चाहिए। उनका आरोप है कि RSS एक अपंजीकृत संगठन है और यह स्पष्ट होना चाहिए कि वह किस कानूनी ढांचे के तहत काम कर रहा है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि क्लब, ट्रस्ट या अन्य संस्थाएं पंजीकरण कराती हैं और कर का भुगतान करती हैं, तो फिर RSS पर वही नियम क्यों लागू नहीं होते? खरगे ने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं होना चाहिए।
राष्ट्रीय ध्वज को लेकर भी आरोप
प्रियांक खरगे ने RSS पर यह आरोप भी लगाया कि संगठन ने अपने कार्यालय में 52 वर्षों तक राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया। उन्होंने कहा कि जो संगठन खुद राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराता रहा, वह दूसरों को देशभक्ति का पाठ कैसे पढ़ा सकता है? उन्होंने कहा कि RSS समय-समय पर अन्य लोगों की देशभक्ति पर सवाल उठाता रहा है, लेकिन उसके अपने रिकॉर्ड पर भी सवाल हैं।
सियासी घमासान तेज
इन आरोपों के बाद सियासी माहौल गर्म हो गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच बयानबाज़ी और तेज हो सकती है। प्रियांक खरगे के बयान ने एक बार फिर RSS की भूमिका, फंडिंग और कानूनी स्थिति को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि इन आरोपों पर RSS या बीजेपी की ओर से क्या जवाब आता है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!