सबरीमाला केस पर सुप्रीम कोर्ट की ऐतिहासिक सुनवाई, परंपरा बनाम महिला अधिकार पर बड़ा सवाल
सबरीमाला मंदिर केस पर सुप्रीम कोर्ट में 9 जजों की बेंच सुनवाई कर रही है। जानिए परंपरा और महिला अधिकारों के बीच चल रही बड़ी संवैधानिक बहस।
सबरीमाला केस पर सुप्रीम कोर्ट की ऐतिहासिक सुनवाई, परंपरा बनाम महिला अधिकार पर बड़ा सवाल
  • Category: भारत

भारत के न्यायिक इतिहास में एक बार फिर महत्वपूर्ण मोड़ आया है, जब सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर प्रवेश से जुड़े मामले पर ऐतिहासिक सुनवाई शुरू की है। यह सुनवाई सिर्फ एक मंदिर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में धार्मिक स्वतंत्रता और महिला अधिकारों के बीच संतुलन को लेकर बड़े सवाल खड़े कर रही है। चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता में 9 जजों की संविधान पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। पहले दिन सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र सरकार की ओर से अपनी दलीलें पेश कीं।

 

सबरीमाला विवाद की पृष्ठभूमि

केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में भगवान अयप्पा की पूजा होती है, जिन्हें ब्रह्मचारी माना जाता है। इसी मान्यता के आधार पर 10 से 50 वर्ष की महिलाओं के प्रवेश पर लंबे समय से रोक थी।

 

साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने इस परंपरा को खत्म करते हुए सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दे दी थी। इस फैसले के बाद केरल में व्यापक विरोध हुआ और कई पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल की गईं। अब उन्हीं याचिकाओं के आधार पर यह सुनवाई हो रही है।

 

मामला सिर्फ सबरीमाला तक सीमित नहीं

यह सुनवाई केवल सबरीमाला मंदिर के फैसले तक सीमित नहीं है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट सात महत्वपूर्ण संवैधानिक सवालों पर विचार कर रहा है, जिन्हें 2019 में तय किया गया था।

इन सवालों का संबंध कई अन्य धार्मिक प्रथाओं से भी है, जैसे—

• मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश का मुद्दा

• पारसी महिलाओं के अग्नि मंदिर में प्रवेश

• दाऊदी बोहरा समुदाय में महिलाओं से जुड़ी परंपराएं

इसलिए कोर्ट का फैसला कई धर्मों और समुदायों को प्रभावित कर सकता है।

 

तुषार मेहता की दलीलें

सुनवाई के दौरान तुषार मेहता ने कहा कि हर धर्म और धार्मिक स्थल के अपने नियम होते हैं, जिनमें सीमित हस्तक्षेप ही होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 2018 का सबरीमाला फैसला सही तरीके से नहीं लिया गया था और इसकी समीक्षा जरूरी है। उन्होंने तर्क दिया कि भारत में महिलाओं को हमेशा उच्च स्थान दिया गया है और हर धार्मिक परंपरा को पितृसत्ता के नजरिए से देखना उचित नहीं है।

 

संविधान और धार्मिक स्वतंत्रता

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत मिलने वाली धार्मिक स्वतंत्रता, समानता और व्यक्तिगत अधिकारों के साथ कैसे संतुलित की जाए। कोर्ट यह तय करेगा कि क्या धार्मिक प्रथाएं मौलिक अधिकारों को सीमित कर सकती हैं या नहीं।

 

क्या कोर्ट धार्मिक प्रथाओं में दखल दे सकता है?

तुषार मेहता ने एक अहम सवाल उठाया कि क्या कोर्ट यह तय कर सकता है कि कौन-सी धार्मिक प्रथा “आवश्यक” है और कौन-सी नहीं? उन्होंने 1954 के शिरूर मठ केस का जिक्र करते हुए कहा कि केवल “अनिवार्य धार्मिक प्रथाओं” को ही संरक्षण मिलना चाहिए, लेकिन उनकी पहचान करना आसान नहीं है।

 

जजों के सवाल और बहस

सुनवाई के दौरान जजों ने भी कई अहम सवाल उठाए। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने याद दिलाया कि 2018 के फैसले में महिलाओं के प्रवेश पर रोक को छुआछूत के समान माना गया था। इस पर तुषार मेहता ने कहा कि मंदिर की विशेष परंपरा को छुआछूत से जोड़ना गलत है और दोनों की तुलना नहीं की जा सकती।

 

भविष्य पर असर

इस सुनवाई का असर सिर्फ एक मंदिर या एक धर्म तक सीमित नहीं रहेगा। यह फैसला देश में धार्मिक परंपराओं और महिला अधिकारों के बीच संतुलन तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

सबरीमाला केस की यह सुनवाई भारत के संवैधानिक इतिहास की सबसे अहम बहसों में से एक बन चुकी है। तुषार मेहता की दलीलें और जजों के सवाल यह दिखाते हैं कि मामला कितना जटिल है। अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले पर है, जो आने वाले समय में धार्मिक स्वतंत्रता और समानता के बीच संतुलन की दिशा तय करेगा।

  • Share:

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!

Related To this topic
Link copied to clipboard!

Warning: file_put_contents(youtube_cache.json): Failed to open stream: Permission denied in /var/www/html/pages/video.php on line 67

Watch Now

YouTube Video
Newsest | 14h ago
क्या ईरान की रिकवरी में लगेगी एक पूरी पीढ़ी? Iraq मॉडल vs 2026 Iran War।Explainer
YouTube Video
Newsest | 12d ago
PNG Connection कैसे लें? | ₹500 फ्री गैस और 3 महीने का डेडलाइन! #newsesthindi #hindinews
YouTube Video
Newsest | 14d ago
2026 में फिर लॉकडाउन? PM Modi ने क्यों याद दिलाया 2020 का दौर? पूरी सच्चाई! #newsesthindi
YouTube Video
Newsest | 14d ago
Motihari Shootout डॉक्टर ने थामी राइफल! नीतीश के जाते ही बिहार में लौटा 'जंगलराज'?
YouTube Video
Newsest | 19d ago
Elvish Yadav Snake Venom Case: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, क्या अब पुलिस फंसेगी? #newsesthindi
YouTube Video
Newsest | 20d ago
Varanasi: गंगा में 'नॉनवेज इफ्तारी' पर बवाल! 14 गिरफ्तार, देखिए काशी का सबसे बड़ा विवाद #newsesthindi
YouTube Video
Newsest | 22d ago
काबुल पर Pakistani Airstrikes, Taliban की जवाबी फायर: क्या South Asia एक और युद्ध के मुहाने पर है?
YouTube Video
Newsest | 23d ago
Rahul का बड़ा दांव: Kanshi Ram को Bharat Ratna? BJP भड़की!
YouTube Video
Newsest | 23d ago
Iran डर गया! US का खतरनाक Merops एंटी-ड्रोन मिडिल ईस्ट में | #newsesthindi
YouTube Video
Newsest | 26d ago
Israel ने North Korea Embassy पर हमला किया? Viral Video का बड़ा Fact Check
YouTube Video
Newsest | 27d ago
Assassination Attempt on Farooq Abdullah? जम्मू की शादी में गोली, Security Lapse पर बहस
YouTube Video
Newsest | 27d ago
Dubai Airport Drone Attack: ईरान-इजरायल जंग का असर दुबई तक | भारतीय घायल | #newsesthindi
YouTube Video
Newsest | 34d ago
क्या कुर्दों के सहारे ईरान का तख्तापलट करेगा अमेरिका? | Geopolitical Analysis
YouTube Video
Newsest | 36d ago
Sonia Gandhi ने पूछा- क्या हम विश्वगुरु का धर्म भूल गए? #americairan #israelnews
YouTube Video
Newsest | 37d ago
सबसे बड़ा पावर स्विच! Iran का फ़्यूचर अराफ़ी के हाथ में! #newsesthindi #irancrisis