ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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इज़रायल डिफेंस फोर्सेज़ (IDF) ने गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ जारी ऑपरेशन में एक बड़ी सफलता हासिल की है। सेना और आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट (ISA) के संयुक्त ऑपरेशन में हमास की ऑपरेटिंग सेल के प्रमुख मुहम्मद इस्सम हसन अल-हबील को मार गिराया गया। इज़रायल का दावा है कि अल-हबील वही आतंकी था, जो 7 अक्टूबर 2023 को इज़रायल पर हमास के हमले के दौरान IDF कॉर्पोरल नोआ मार्सियानो की हत्या में शामिल था।
हमास और इज़रायल के बीच बढ़ते तनाव
IDF ने बताया कि यह कार्रवाई हमास की ओर से युद्धविराम उल्लंघन के बाद की गई थी। सेना के अनुसार, अल-हबील और उसके सहयोगियों ने 7 अक्टूबर को इज़रायल पर बड़े पैमाने पर हमला किया था। उसी हमले के दौरान नोआ मार्सियानो को नहल ओज सैन्य चौकी से अगवा किया गया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई, जिसने पूरे देश में गहरा आक्रोश फैला दिया।
ऑपरेशन में दो कमांडरों की मौत
इज़रायली सेना के अनुसार, 4 फरवरी को गाजा सिटी के शाती शरणार्थी शिविर में हवाई हमले में अल-हबील को ढेर कर दिया गया। साथ ही इस्लामिक जिहाद के अली राजियाना को भी मारा गया। राजियाना उत्तरी गाजा ब्रिगेड का मुख्य कमांडर था। IDF ने बताया कि अल-हबील उस समय रडार पर आया, जब उसने एक इज़रायली रिजर्व अधिकारी पर गोलीबारी की थी, जिससे अधिकारी गंभीर रूप से घायल हुआ।
इज़रायली सेना ने सोशल मीडिया पर यह कार्रवाई साझा करते हुए कहा कि इससे नोआ मार्सियानो के परिवार को न्याय मिला है। सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि नागरिकों और सैनिकों के खिलाफ हिंसा करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा।
नोआ मार्सियानो की कहानी
नोआ मार्सियानो 19 साल की IDF ऑब्जर्वर थीं। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के दौरान उन्हें अगवा कर लिया गया था। उनके परिवार के अनुसार, नोआ की मौत गाजा के शिफा अस्पताल में कैद के दौरान हुई। कहा जाता है कि एक डॉक्टर ने उनकी नसों में हवा इंजेक्ट कर उनकी जान ले ली। इस घटना ने इज़रायल में गहरा दुख और गुस्सा पैदा किया।
बाद में पकड़ी गई अन्य महिलाएं ज़िंदा वापस आ गईं, लेकिन नोआ मार्सियानो जीवित नहीं लौटीं। उनके परिवार ने हमेशा न्याय की मांग की और इस हवाई हमले से यह माना जा रहा है कि उनके लिए न्याय का एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
इज़रायल का संदेश
इस ऑपरेशन के माध्यम से इज़रायल ने साफ संदेश दिया कि सैनिकों और नागरिकों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सेना के अनुसार, हमास और अन्य आतंकवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। IDF का कहना है कि ऐसे अभियानों से आतंकवादियों के नेटवर्क को कमजोर किया जाएगा और भविष्य में हमलों को रोका जाएगा।
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