ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे एनसीआर को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में 21 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद अब नोएडा और ग्रेटर नोएडा का फायर विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। इसी कड़ी में गौतमबुद्ध नगर फायर विभाग ने होटलों, गेस्ट हाउसों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में विशेष जांच अभियान शुरू किया है। जांच के दौरान कई गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं, जिसके बाद 21 होटलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
5 दिनों में 82 प्रतिष्ठानों की जांच
फायर विभाग की टीम ने पिछले पांच दिनों के भीतर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और एक्सप्रेसवे क्षेत्र में स्थित 82 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी होटल या गेस्ट हाउस में आग लगने जैसी स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। जांच में कई जगह सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे के अनुसार, जिन संस्थानों में गंभीर खामियां मिली हैं, उन्हें निर्धारित समय में सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि ऐसा नहीं किया गया तो उनके लाइसेंस निरस्त कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
सबसे ज्यादा भीड़ वाले होटलों पर विशेष नजर
फायर विभाग ने अभियान शुरू करने से पहले उन होटलों और गेस्ट हाउसों की सूची तैयार की जहां पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही सबसे ज्यादा रहती है। इन प्रतिष्ठानों में रेस्ट रूम, बाथरूम, सीढ़ियों, आपातकालीन निकास मार्गों और फायर सिस्टम की विस्तृत जांच की गई। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में जिले के सभी होटलों और व्यावसायिक भवनों की चरणबद्ध तरीके से जांच की जाएगी ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
स्टाफ को नहीं आती थी फायर सिस्टम चलाने की जानकारी
निरीक्षण के दौरान एक चौंकाने वाली बात सामने आई। कई होटलों में मौजूद कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड आग बुझाने वाले उपकरणों का इस्तेमाल करना ही नहीं जानते थे। फायर विभाग ने इसे बेहद गंभीर लापरवाही माना है। इसके बाद होटल संचालकों को प्रशिक्षित स्टाफ रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही दमकल विभाग की टीम ने मौके पर ही कर्मचारियों को फायर एक्सटिंग्विशर और अन्य सुरक्षा उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया।
जांच में सामने आईं कई गंभीर खामियां
फायर विभाग की जांच में कई होटलों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर पाई गई। कुछ प्रमुख कमियां इस प्रकार हैं:
• आपातकालीन निकास द्वार बंद या जाम मिले।
• कई जगह एग्जिट रूट पर सामान रखा हुआ था।
• फायर अलार्म सिस्टम खराब या निष्क्रिय पाए गए।
• अग्निशमन उपकरणों का रखरखाव वर्षों से नहीं किया गया था।
• कई प्रतिष्ठानों में आग बुझाने के लिए पर्याप्त पानी का बैकअप उपलब्ध नहीं था।
विशेषज्ञों का मानना है कि आपातकालीन स्थिति में ऐसी लापरवाहियां बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
मालवीय नगर हादसे के बाद बढ़ी सतर्कता
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में 3 जून को लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत हो गई थी। जांच में कई सुरक्षा खामियां सामने आई थीं, जिसके बाद पूरे एनसीआर में फायर सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान शुरू किए गए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी राज्य भर के होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की विशेष जांच के निर्देश दिए हैं। इसके बाद नोएडा प्रशासन और फायर विभाग ने व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू की है।
भविष्य में और सख्ती की तैयारी
फायर विभाग का कहना है कि यह अभियान केवल नोटिस जारी करने तक सीमित नहीं रहेगा। जिन प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नियमित ऑडिट और निरीक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी। मालवीय नगर जैसी त्रासदी दोबारा न हो, इसके लिए प्रशासन अब सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर किसी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं दिख रहा है। नोएडा के होटल और गेस्ट हाउस संचालकों के लिए यह साफ संदेश है कि फायर सुरक्षा नियमों का पालन अब अनिवार्य होगा।
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