ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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नई दिल्ली में राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। राहुल गांधीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील के पीछे असली मकसद उद्योगपति गौतम अडानी को राहत दिलाना था। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “कंप्रोमाइज्ड पीएम ने ट्रेड डील नहीं, अडानी की रिहाई का सौदा किया।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट से बढ़ा विवाद
यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब अमेरिकी अखबार The New York Times की एक रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट में दावा किया गया कि अमेरिकी न्याय विभाग गौतम अडानी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को वापस लेने पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी एजेंसियों ने पहले आरोप लगाया था कि गौतम अडानी, सागर अडानी और अन्य लोगों ने भारत में सौर ऊर्जा परियोजनाओं के कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए 2020 से 2024 के बीच कथित तौर पर 25 करोड़ डॉलर से अधिक की रिश्वतखोरी की साजिश रची थी। अब खबर है कि अमेरिकी न्याय विभाग इस मामले को आगे बढ़ाने पर दोबारा विचार कर रहा है।
जयराम रमेश ने भी साधा निशाना
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता देशहित से ज्यादा अमेरिकी दबाव में किया गया फैसला था। जयराम रमेश ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में फैसले लिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को अचानक रोकने के पीछे भी यही वजह थी।
नई कानूनी टीम की एंट्री
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि गौतम अडानी ने हाल ही में नई कानूनी टीम नियुक्त की है। इस टीम का नेतृत्व रॉबर्ट जे. गिफ्रा जूनियर कर रहे हैं, जो अमेरिकी लॉ फर्म Sullivan & Cromwell LLP से जुड़े हैं। बताया जा रहा है कि गिफ्रा जूनियर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के निजी वकीलों में भी शामिल रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें मामले से जुड़े सबूतों और अधिकार क्षेत्र को लेकर चर्चा हुई।
भाजपा की ओर से नहीं आया जवाब
राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं के आरोपों पर अभी तक प्रधानमंत्री मोदी या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर चुनावी मंचों तक गूंज सकता है।
राजनीतिक माहौल फिर गरमाया
गौतम अडानी से जुड़े मामलों को लेकर कांग्रेस पहले भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाती रही है। विपक्ष लगातार आरोप लगाता रहा है कि सरकार उद्योगपति गौतम अडानी को संरक्षण दे रही है, जबकि भाजपा इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताती रही है। अब अमेरिकी रिपोर्ट सामने आने के बाद यह मुद्दा फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है।
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