ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जो पाकिस्तान से संचालित एक मॉड्यूल के जरिए भारत में दहशत फैलाने की साजिश रच रहे थे। इस मामले में स्पेशल कोर्ट ने सभी आरोपियों को 5 दिन की रिमांड पर भेज दिया है, जिससे जांच एजेंसियों को अहम जानकारी जुटाने में मदद मिल रही है।
पूछताछ में बड़ा खुलासा
एटीएस की पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें पाकिस्तानी हैंडलर्स से लगातार संदेश मिल रहे थे, जिनमें ज्यादा से ज्यादा दहशत फैलाने के निर्देश दिए जाते थे। इतना ही नहीं, हैंडलर्स ने यह भी कहा था कि जितनी ज्यादा दहशत फैलाई जाएगी, उतना ही अधिक पैसा दिया जाएगा।
धमाके का रिहर्सल भी किया
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने बड़े हमले की तैयारी के लिए रिहर्सल भी किया था। उन्होंने पिकअप और बाइक में आग लगाकर विस्फोट जैसा माहौल बनाने की कोशिश की। यह साफ संकेत देता है कि ये लोग किसी बड़े हमले की योजना बना रहे थे।
सोशल मीडिया और VPN का इस्तेमाल
आरोपी तकनीकी रूप से काफी प्रशिक्षित थे और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते थे। वे इंस्टाग्राम और VPN के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क में रहते थे। हैरानी की बात यह है कि बातचीत के लिए अफगानिस्तान के नंबरों का भी इस्तेमाल किया गया, ताकि उनकी पहचान छुपी रहे।
दुबई कनेक्शन आया सामने
इस मामले में दुबई कनेक्शन भी सामने आया है। मेरठ का रहने वाला आकिब दुबई में बैठकर पूरे मॉड्यूल को ऑपरेट कर रहा था। पूछताछ में पता चला है कि उसी ने अन्य आरोपियों को पाकिस्तानी हैंडलर्स से जोड़ा और पैसों का लेन-देन भी वही संभालता था।
संवेदनशील जगहें थीं निशाने पर
एटीएस को आरोपियों के मोबाइल से कई अहम सबूत मिले हैं। इनमें रक्षा प्रतिष्ठानों, कैंट इलाकों और रेलवे से जुड़े वीडियो शामिल हैं। आरोपी इन जगहों की रेकी कर वीडियो बनाकर हैंडलर्स को भेजते थे। इसके अलावा गैस सिलेंडर वाले वाहनों और रेलवे सिग्नल बॉक्स को भी निशाना बनाने की साजिश थी। कुछ हिंदूवादी नेताओं को टारगेट करने की योजना भी सामने आई है।
UP ATS की इस कार्रवाई ने एक बड़े आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। यह मामला दिखाता है कि आतंकवादी अब तकनीक और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर अपने नेटवर्क को मजबूत बना रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और तेजी से कार्रवाई देश की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!